मुंबई (सच कहूँ न्यूज़)। Tribute by Kshitij: मीठीबाई कॉलेज के अंतरराष्ट्रीय अंतर-महाविद्यालयीन सांस्कृतिक महोत्सव क्षितिज’25 ने Bond & Beyond के सहयोग से 26/11 मुंबई आतंकी हमले के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर 26 नवम्बर को गेटवे ऑफ इंडिया पर मौन कैंडल मार्च आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
इवेंट प्रतिनिधि ने सच कहूँ संवाददाता को बताया कि यह मौन यात्रा उन वीर आत्माओं को समर्पित थी जिन्होंने देश और मुंबई शहर की सुरक्षा में अपना बलिदान दिया। टिमटिमाती मोमबत्तियों की रोशनी में पूरा माहौल संवेदना, एकता और श्रद्धा की भावना से भर गया।
एकता, साहस और कृतज्ञता का प्रतीक | Tribute by Kshitij
यह स्मृति पहल मुंबई की अदम्य भावना और एकजुटता की जीवंत मिसाल बनी। छात्र और नागरिक हाथों में मोमबत्तियाँ और तख्तियाँ लिए मौन रूप से आगे बढ़े, शहीद पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और उन निर्दोष नागरिकों के साहस को नमन करते हुए जिन्होंने उस काली रात अपनी जान गंवाई।
आयोजन का उद्देश्य युवाओं में जिम्मेदारी, साहस और करुणा जैसे मूल्यों को जागृत करते हुए बलिदान की भावना का सम्मान करना था।
“शहीदों की स्मृति को जीवित रखना हमारा कर्तव्य”
मीठीबाई कॉलेज की प्राचार्या प्रो. कृतिका बी. देसाई ने कहा, “ऐसे आयोजन छात्रों में संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना को मजबूत करते हैं। अपने शहीदों को याद रखना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। मुझे गर्व है कि क्षितिज के माध्यम से हमारे छात्र इस चेतना को जीवित रख रहे हैं।”
क्षितिज’25 की चेयरपर्सन भूमि शाह ने कहा, “यह मौन मार्च हमारे उन नायकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था जिन्होंने हमारे शहर की रक्षा की। इसने हमें याद दिलाया कि क्षितिज केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहाँ संवेदना, एकता और उद्देश्यपूर्ण कार्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा सके।”
पीढ़ियों तक याद रहेंगे 26/11 के शहीद
Bond & Beyond के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने स्मरण और एकजुटता की भावना को बखूबी अभिव्यक्त किया। मोमबत्तियों की लौ के साथ जब प्रतिभागियों ने शहीदों के सम्मान में मौन रखा, तो वातावरण गहन श्रद्धा से भर गया।
इस पहल ने एक बार फिर यह सुनिश्चित किया कि 26/11 के वीर शहीदों का साहस, बलिदान और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। Tribute by Kshitij















