Iran Protests: तेहरान। ईरान में बीते कुछ समय से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कमजोर होती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और कई आंतरिक संकटों के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक जनआंदोलन देखने को मिल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हुई झड़पों में अब तक कम से कम 27 लोगों के मारे जाने की सूचना है। Iran News
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के अनुसार, मंगलवार रात इलम प्रांत के अबदानान शहर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। बीते एक सप्ताह के भीतर इस क्षेत्र में कई बार बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। वीडियो में बच्चे, युवा और बुजुर्ग अपने परिवारों के साथ मार्च करते और नारेबाजी करते दिखाई दिए। इस दौरान आसमान में हेलीकॉप्टरों की उड़ान भी देखी गई, जबकि प्रदर्शनकारियों की संख्या वहां तैनात सुरक्षा बलों से कहीं अधिक प्रतीत हुई।
नॉर्वे स्थित एक मानवाधिकार संस्था ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 27 प्रदर्शनकारियों की जान गई है, जिनमें 18 वर्ष से कम आयु के पांच बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, ईरानी प्रशासन ने स्वीकार किया है कि हिंसक घटनाओं में सुरक्षा कर्मियों को भी नुकसान पहुंचा है। सरकारी पुष्टि के अनुसार, मंगलवार को एक पुलिसकर्मी की मृत्यु हुई है। सरकारी मीडिया का कहना है कि अशांति के दौरान कुल तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कुछ झड़पें पहले मारे गए प्रदर्शनकारियों के अंतिम संस्कार के बाद भड़क उठीं। Iran News
”अव्यवस्था फैलाने वालों से कठोरता से निपटा जाना चाहिए”
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस सप्ताह पहली बार सार्वजनिक रूप से इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अव्यवस्था फैलाने वालों से कठोरता से निपटा जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों में 28 दिसंबर को सबसे पहले विरोध की शुरुआत हुई थी, वहां अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। उस दिन व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध दर्ज कराया था। मंगलवार को राजधानी तेहरान के कई प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में भी इसी तरह के दृश्य देखने को मिले, जिससे स्पष्ट है कि जनता बढ़ती महंगाई और सरकारी नीतियों से नाराज है।
वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है और यह दर्शाती है कि विरोध को दबाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी बीच, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने जनता से पहली बार सीधे तौर पर अपील की है। उन्होंने लोगों से 8 और 9 जनवरी को रात आठ बजे, चाहे वे घरों में हों या सड़कों पर, एक साथ नारेबाजी करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। मौजूदा आंदोलन को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा जनआंदोलन माना जा रहा है। इससे पहले 2022 और 2023 में भी पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन हुए थे, जो एक युवती की हिरासत में मौत के बाद भड़के थे। Iran News















