GPS क्या है ?

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GPS (Global Positioning System) एक वैश्विक नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम है, जो हमें हमारी पोजीशन के बारे में बताता है। जीपीएस हमें हमारी लोकेशन के साथ-साथ, हमारे वेग और समय के सिंक्रनाइजेशन की भी जानकारी देता है। एक तरह से ये हमारा दिशा निर्धारण करता है और हमें एक स्थान से दूसरे स्थान तक का रास्ता, सैटेलाइट के माध्यम से दिखाता है। जीपीएस मेप सैटेलाइट के द्वारा काम करता है। इन सैटेलाइट से पृथ्वी पर सिग्नल भेजे जाते है। जीपीएस इन सिग्नल्स को जोड़ता है। सैटेलाइट से जो सिग्नल्स आते है जीपीएस उन सिग्नल को मेप में शो करता है। अमेरिका ने 50 से भी ज्यादा जीपीएस सैटेलाइट लॉन्च किये है। प्रत्येक सैटेलाइट 24 घंटे सिग्नल भेजते रहते हैं। रिसीवर उन सिग्नल्स के समय और दूरी को भी रिसीव करता है। यदि आपका फोन सिग्नल रिसीव करता है तो आपको अपनी लोकेशन का पता लग जाता है।

जीपीएस का यंत्र सबसे पहले Russia ने 1957 में बनाया था, जो Sputnik Satellite था और इसे अमेरिका ने पनडुब्बी नेविगेशन के लिए इस्तेमाल किया। साल 2000 के बाद ही, आम जनता और कंपनियों को जीपीएस के उपयोग की पूरी सुविधा प्राप्त हुई, जिसने जीपीएस को नई उच्चाइयों तक पहुंचने का पथ-प्रशस्त किया। जीपीएस की विशेषता ने उसे वैज्ञानिकों, नाविकों, तथा सर्वेक्षणकर्ताओ के काम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया। जीपीएस के उपयोग की लिस्ट लंबी है। इसे विशेषकर सटीक समय को मापने के लिए, सर्वेक्षण करने के लिए, नैविगेट करने के लिए और किसी स्थान या व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने के लिए किया जाता है।अगर आप किसी दूसरे जगह का लोकेशन जानना चाहते है, तो आपको उस जगह का नाम लिख कर उसे सर्च करना होगा। जैसे ही आप सर्च करेंगे, तो एक पेज खुलेगा जिसमे आपके लोकेशन से उस दूसरे लोकेशन पर कैसे जाना है, उसमे कितना समय लगेगा, और उसकी दूरी कितनी है, ये सभी जानकारी आपको मिल जाएगी।

 

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