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    Karwa Chauth 2023: बादलों में चाँद छिपा तो सुहागिनों ने नासा पर किया चाँद का दीदार

    Karwa Chauth 2023
    Karwa Chauth 2023: बादलों में चाँद छिपा तो सुहागिनों ने नासा पर किया चाँद का दीदार

    सच कहूँ/संदीप सिंहमार। Karwa Chauth 2023 Moonrise Time Today:वैश्विक स्तर पर विज्ञान के साथ-साथ विभिन्न धर्म में भी चाँद का अपना महत्व है। मुस्लिम धर्म में जहां अपने सबसे नजदीकी रिश्ते को ‘ईद का चांद’ कहकर पुकारा जाता है तो हिंदू धर्म में ‘चाँद सा मुखड़ा’ जैसी काव्य पंक्तियाँ हम पढ़ते व सुनते आए हैं। वही चंद्रमा को विभिन्न काव्य शास्त्रों में शीतलता का प्रतीक भी माना गया है। करवा चौथ जैसे पवित्र त्योहार के दिन चाँद का अपना एक अलग महत्व है। यह बात अलग है कि हिंदू धर्म के लोग करवा चौथ जैसे त्योहार को मुख्य तौर पर मानते हैं, लेकिन दूसरे धर्म में भी अलग नाम से ऐसे त्योहार मनाए जाते हैं। जैसे मुस्लिम धर्म में रोजा रखे जाते हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार के दिन वायु में प्रदूषण ज्यादा होने या यह कहें वायु गुणवत्ता सूचकांक ज्यादा होने की वजह या फिर मौसम में परिवर्तन होने के कारण बदलवाई होने से विभिन्न स्थानों पर चाँद देरी से दिखाई दिया या फिर चंद्रमा बादलों की लुका छुपी में कुछ स्थानों पर दिखाई भी नहीं दिया। ऐसी स्थिति में करवा चौथ का व्रत रखने वाली सुहागिनों ने अपना व्रत डिजिटल तरीके से खोला।

    8:15 पर दिखाई दिया चाँद | Karwa Chauth 2023

    एस्ट्रोलॉजी साइंस के अनुसार भारत में चंद्रमा निकलने का समय नोएडा में जहाँ 8 बजकर 14 मिनट था तो दिल्ली में चंद्रमा 8:15 पर दिखाई दिया। चाँद निकलने का समय विभिन्न स्थानों में अलग-अलग भी हो सकता है। भारत के द्वीप समूह अंडमान एवं निकोबार में सबसे पहले चाँद दिखाई दिया। क्योंकि वह सूर्यास्त पहले हो जाता है। एस्ट्रोलॉजी जानने वाले विद्वानों का कहना है कि चाँद निकलने का समय तो 8:15 ही था। इसके बाद भी बादलों की वजह से कहीं भी चंद्रमा दिखाई नहीं दिया तो ऐसी स्थिति में चांदी का सिक्का या चांदी की प्लेट को चंद्रमा का प्रतीक मानकर उसकी पूजा की गई।

    विज्ञान के बढ़ते कदम

    जैसे-जैसे विज्ञान ने तरक्की की है, वैसे-वैसे दुनिया डिजिटल बनती जा रही है। ऐसे ही दुनिया में पहली बार ऐसा हुआ जब चाँद का दीदार विभिन्न ऑनलाइन वेबसाइट पर भी किया गया। अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा ने इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर विशेष तौर पर लिंक दिया। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद चंद्रमा के दर्शन किए गए। हालांकि बहुत स्थानों पर चंदमा के प्रत्यक्ष दर्शन भी हुए हैं।

    कैसे ऑनलाइन दिखाई दिया चाँद

    मानने वालों के लिए एस्ट्रोलॉजी भी एक साइंस है। देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालय में एस्ट्रोलॉजी साइंस की पढ़ाई करवाई जाती है। इसी साइंस के अनुसार चंद्रमा के ऑनलाइन दर्शन करने का विकल्प प्रदान किया गया। चाँद के ऑनलाइन दर्शन करने के लिए विभिन्न विकल्प मौजूद थे। पहला तरीका यह रहा कि किसी भी क्षेत्र में चंद्रमा दिखाई नहीं दिया तो दूसरे क्षेत्र की महिलाओं ने अपने किसी भी सगे-संबंधी के यहां वीडियो कॉल के माध्यम से चाँद के दर्शन करवा दिए या फिर लाइव वेबसाइट पर जाकर चाँद देखा गया। इसके अलावा गूगल मीट,जूम या वेबेक्स के माध्यम से भी चंद्रमा के लाइव दर्शन किए गए। सबसे अहम बात इस बार अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की वेबसाइट पर जाकर भी चंद्रमा को लाइव दिखाया गया। इस वेबसाइट पर जाने के बाद सोलर सिस्टम पर क्लिक कर मून सर्च के ऑप्शन पर जाते ही चाँद दिखाई दिया। लेकिन चाँद के ऑनलाइन दर्शन भी एस्ट्रोलॉजी साइंस द्वारा निर्धारित किए गए समय पर ही हुए।

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