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    Calcium Deficiancy: महिलाओं की बॉडी में दिखने वाले ये वॉर्निंग साइन बताते हैं की घट रहा है कैल्शियम का स्तर

    Calcium Deficiancy
    Calcium Deficiancy Calcium Deficiancy: महिलाओं की बॉडी में दिखने वाले ये वॉर्निंग साइन बताते हैं की घट रहा है कैल्शियम का स्तर

    Calcium Deficiancy: घर की जिम्मेदारियां निभाना हो या दफ्तर की चुनौतियों का सामना करना, आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। लेकिन इसी भागदौड़ भरी जिÞंदगी में अक्सर सबसे अहम बात पीछे छूट जाती है- अपनी सेहत का ध्यान रखना। डॉक्टरों का कहना है कि 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में कैल्शियम की कमी तेजी से बढ़ रही है, और यही आगे चलकर कई गंभीर समस्याओं की जड़ बन रही है। कैल्शियम सिर्फ हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह दिल की धड़कन, नसों की कार्यप्रणाली और मांसपेशियों के सही कामकाज में भी अहम भूमिका निभाता है। लेकिन जब तक महिलाएं इसकी कमी को गंभीरता से समझती हैं, अक्सर तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

    क्यों होती है कैल्शियम की कमी? Calcium Deficiancy

    वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में हार्मोनल बदलाव आते हैं। खासकर मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर घटने लगता है, जिससे हड्डियों की मजबूती प्रभावित होती है। गर्भावस्था और स्तनपान भी महिलाओं के शरीर से काफी कैल्शियम खींच लेते हैं। यदि इस दौरान आहार संतुलित न हो, तो यह कमी और बढ़ सकती है। इसके अलावा आज की जीवनशैली भी जिम्मेदार है। बैठे-बैठे काम करना, दूध-दही और हरी सब्जियों का पर्याप्त सेवन न करना, चाय-कॉफी व जंक फूड की अधिकता- ये सभी हड्डियों को कमजोर करने में योगदान देते हैं।

    पहचानें संकेत

    कैल्शियम की कमी के कई लक्षण समय रहते पहचान में आ सकते हैं। हड्डियों और जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, दांतों का कमजोर होना और हर समय थकावट महसूस करना- ये सभी चेतावनी हैं कि शरीर को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है।

    कैसे पाएं मजबूती?

    विशेषज्ञ मानते हैं कि संतुलित आहार इस कमी को पूरा करने का सबसे आसान तरीका है।
    ’ डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, दही, पनीर और छाछ रोजाना आहार में शामिल करें।
    ’ हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, बथुआ और सरसों का साग हड्डियों के लिए अमृत समान हैं।
    ’ सूखे मेवे और बीज: बादाम, अंजीर, तिल और अलसी कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं।
    ’ सप्लीमेंट्स: जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम और विटामिन-डी सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
    ’ इसके साथ ही कुछ आदतें बेहद मददगार साबित हो सकती हैं—जैसे रोजाना 15-20 मिनट धूप में बैठना, ताकि शरीर को प्राकृतिक विटामिन-डी मिल सके, और नियमित योग या व्यायाम करना। –आईएएनएस एजेंसी