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    WMO का ALERT, Saint MSG पहले ही बरनावा आश्रम में दे चुके हैं चेतावनी

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    WMO का ALERT, Saint MSG पहले ही बरनावा आश्रम में दे चुके हैं चेतावनी

    जलेगी धरती, जलेगा जंगल, दुनिया में होगा इतना अमंगल

    पेरिस। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अलर्ट किया है कि वर्ष 2027 में धरती का औसतन टैम्प्रेचर 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाएगा, जिसका परिणाम ये होगा कि धरती जलेगी, आसमान जलेगा, जंगल जलेंगे, बेमौसमी बरसात, बाढ़, सूखा, धूल भरी आंधी, समुद्री जलस्तर बढ़ना, समुद्री तूफान आएंगे। ऐसे में इंसानों का क्या होगा? इसका अंदाजा लगाना शायद ही दुनिया के लिए मुश्किल होगा। साइंस इसका अलर्ट आज जारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां पहले ही आॅनलाइन गुरुकुल के माध्यम से दुनिया को आगाह कर चुके हैं कि दुनिया महाप्रलय की ओर जा रही है।

    दुनिया की हालत इतनी खराब होगी कि पूरी दुनिया जलेगी | WMO ALERT

    WMO  ने 30 साल के औसत वैश्विक तापमान के आधार पर ये खुलासा करते हुए दुनिया को चेतावनी दी है कि हर पांच साल में एक साल रिकॉर्डतोड़ गर्मी वाला होगा, जिसका 98 प्रतिशत अनुमान है। यह प्रक्रिया 2016 से शुरू हो चुकी है। यह एक बहुत बड़े स्तर का जलवायु संकट है जिसे दुनिया गंभीरता से नहीं ले रही है। दुनिया की हालत इतनी खराब होगी कि पूरी दुनिया जलेगी, मौसम अपने समय के विपरीत बदल जाएंगे। अचानक आपदाएं आएंगी, धूल भरी आंधियां आएंगी, बेमौसमी बरसात होगी।

    डरावना खुलासा | WMO ALERT

    इस संबंध में ब्रिटेन के मेट आॅफिस हैडली सेंटर के लॉन्ग-रेंज प्रेडिक्शन प्रमुख एडम स्कैफी ने कहा कि यह भी संभव है कि हम अगले चार-पांच सालों में गर्मी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर देखें। डेढ़ डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान चला जाए। उन्होंने कहा है कि पिछले वर्ष आई रिपोर्ट के अनुसार इस बात की संभावना 50-50 थी, लेकिन दोबारा की गई स्टडी के अनुसार अब यह 66 प्रतिशत है। स्कैफी के अनुसार ग्लोबल एनुअल टू डिकेडल क्लाइमेट अपडेट (Global Annual to Decadal Climate Update) में यह डरावना खुलासा किया गया है।

    एडम स्कैफी के अनुसार अगर अस्थाई तौर पर भी डेढ़ डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ता है तो भी पूरी दुनिया को प्राकृतिक आपदाएं झेलनी पड़ेंगी। कहने का मतलब कि पूरी दुनिया ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन पर रोक लगाने में कामयाब नहीं होगी। जब तक ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम नहीं होगा तब तक बढ़ती गर्मी को रोका नहीं जा सकता, जिसका विभिन्न देशों के मौसम पर फर्क पड़ना लाजमी है। भारत की हालत इसलिए खराब होगी क्योंकि अल-नीनो के साथ जब इंसानों द्वारा किया जा रहा जलवायु परिवर्तन मिलेगा तो स्थितियां और भी बद्तर हो जाएंगी।

    बरनावा आश्रम से पहले ही दे चुके है चेतावनी | WMO ALERT

    पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां 40 दिन की रूहानी यात्रा पर बरनावा आश्रम में पधारे थे उस दौरान गुरु जी ने फरमाया कि ऐसे थोड़ी ना बरसात को उड़ीकते रहते हैं लोग। पर बरसात सही समय पर आ जाए लेकिन आजकल तो गड़बड़ हो रही है जब बरसात नहीं चाहिए तब आती है। जब चाहिए तब नहीं आती। यह क्यों होता है ऐसा क्यों हो रहा है इस पर भी बात करेंगे अभी।

    इसकी वजह है जो हमने अनुभव किया पिछली बार भी हमने कहा था आपको जब पिछली बार आए थे कि शाह सतनाम शाह मस्तान जी ने इस बॉडी से पता नहीं क्या काम लेना है जो इतनी तपस्या करवाई उन्होंने। तो फीलिंग आती है महसूस होता है कि ऐसा तब होता है, मालिक ऐसा करे ना यह मालिक से दुआ है , पर यह परिवर्तन तब आता है जब प्रलय की तरफ दुनिया बढ़ रही होती है। बड़ी दुखद बात है जनसंख्या का विस्फोट होने को तैयार है। इतने बच्चे बढ़ते जा रहे हैं इतनी जनसंख्या होती जा रही है कि पूछो मत। पानी धरती में नीचे गायब होता जा रहा है।

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