Iran US Peace Talk: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशें एक बार फिर तेज होती नजर आ रही हैं। पाकिस्तान में हुए पहले दौर की बातचीत भले ही किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच दूसरा दौर जल्द शुरू हो सकता है। हालिया बयानों और रिपोर्ट्स से यह साफ है कि बातचीत की प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई, बल्कि नए सिरे से आगे बढ़ रही है।
ट्रंप का बयान: “ईरान समझौते को तैयार”
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान समझौते के लिए उत्सुक है और उसने अमेरिका को फिर से संदेश भेजा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान का कारोबार लगभग ठप हो चुका है।
ट्रंप ने साफ शब्दों में दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान सहमत नहीं होता, तो कोई समझौता संभव नहीं होगा। उनका यह बयान अमेरिका की सख्त नीति को दर्शाता है।
वेंस का दावा: “बातचीत में हुई कुछ प्रगति”
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत में कुछ प्रगति हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस प्रक्रिया को लंबा खींचना नहीं चाहता, बल्कि एक बड़े और सफल समझौते तक पहुंचना चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आगे बढ़ने के लिए ईरान को भी ठोस कदम उठाने होंगे।
अगली बैठक: कहां और कब?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी बैठक की तैयारियां चल रही हैं। यह बैठक संभावित रूप से अगले सप्ताह सीजफायर खत्म होने से पहले आयोजित की जा सकती है।
संभावित स्थानों में शामिल हैं:
- Geneva
- Islamabad
वहीं Associated Press के अनुसार, यह बैठक 16 अप्रैल को भी हो सकती है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मतभेद की जड़: यूरेनियम संवर्धन
पहले दौर की बातचीत इसलिए विफल रही क्योंकि दोनों देशों के बीच यूरेनियम संवर्धन को लेकर गंभीर मतभेद थे।
- अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 वर्षों तक संवर्धन पूरी तरह बंद करे
- ईरान ने सीमित और नियंत्रित अवधि के लिए इसे कम करने का प्रस्ताव दिया
हालांकि, अब खबरें हैं कि ईरान इस मुद्दे पर थोड़ा नरम रुख अपनाने को तैयार हो सकता है, जिससे समझौते की संभावना बढ़ सकती है।
मध्यस्थ की भूमिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, Turkey भी दोनों देशों के बीच दूरी कम करने की कोशिश कर रहा है। यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस वार्ता को सफल बनाने के प्रयास जारी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद, बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। नेताओं के बयानों और कूटनीतिक हलचल से यह संकेत मिल रहा है कि दूसरा दौर पहले से ज्यादा निर्णायक हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देश अपने मतभेदों को दूर कर किसी समझौते तक पहुंच पाएंगे या नहीं।















