हमसे जुड़े

Follow us

31.3 C
Chandigarh
Friday, March 13, 2026
More

    थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए 28वां रक्तदान शिविर

    पानीपत। (सच कहूं/सन्नी कथूरिया) मंगलवार को जन आवाज सोसायटी की टीम द्वारा जी.टी रोड स्थित रैडक्रास ब्ल्ड बैक में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए 28वां रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान कैंप में शहर के युवाओं में काफी उत्साह देखा गया। रक्तदान कैंप में 80 युवाओं ने रक्तदान किया। जन आवाज सोसाइटी के प्रधान जोगिंदर स्वामी ने कहा कि कोरोना कॉल मे रक्त की आपूर्ति पूरी नहीं हो रही थी जिसको लेकर उन्होंने अपने युवा साथियों के साथ मिलकर रक्तदान कैंप लगाने के बारे में सोचा और आज उनका 28वां रक्तदान कैंप है और वह अपने कैंप के माध्यम से लगभग 1200 यूनिट रक्तदान करवा चुके हैं।

    यह भी पढ़ें:– शादी करते समय किन बातों का ध्यान रखें? | Ram Rahim

    उन्होंने कहा कि वे अपने कैंप के माध्यम से जल्दी में पीड़ित बच्चे गर्भवती महिलाएं तथा एक्सीडेंट में घायल हुए लोगों के लिए रक्तदान करते हैं क्योंकि इनसे बड़ा कोई दान नहीं हो सकता उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि हमें रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए।उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि हमारा खून नालियों में नहीं नाड़ीयां में चलना चाहिए हमारे रक्तदान से एक तरफ हम रक्तदान करके खुद स्वस्थ रहते हैं वहीं दूसरी तरफ किसी जरूरतमंद की जान बचाने का भी कार्य करते है रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता इसलिए हमें बढ़-चढ़कर रक्तदान करना चाहिए। इस अवसर पर डीपी ग्रोवर ,सरदार कवल जीत सिंह, मनोज कुमार ,मोनू वर्मा ,सरदार गग्गी सिंह मुख्य रूप से उपस्थित थे

    रक्त दाताओं के विचार

    रक्तदान कैंप में पहली बार रक्तदान करने पहुंचे शुभम ने कहा कि अपने दोस्तों को रक्तदान करते हुए मेरे मन में भी दूसरों की मदद करने के लिए रक्तदान करने का उत्साह जागा तो आज मैं रक्तदान करने पहुंचा रक्तदान करके मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा है। हम सभी को दूसरों की मदद के लिए रक्तदान अवश्य करना चाहिए। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं हो सकता रक्तदान महादान

     

    दूसरों की मदद के लिए पहले 14 बार रक्तदान कर चुके रणजीत सिंह ने कहा कि अब वह 15 बार रक्तदान कर रहे हैं रक्तदान एक ऐसा दान है जो किसी अनजान व्यक्ति की मदद करता है। रक्तदान एक ऐसा दान है जो जाति धर्म नहीं देता हर किसी की मदद में काम आता है रक्तदान करने से दूसरों की जिंदगी को बचाया जा सकता है। उन्होंने शहरवासियों से अपील भी की साल में लगभग तीन बार रक्त अवश्य दान करें ताकि किसी की जिंदगी बचाने में कुछ हद तक मदद कर सके।

    रक्तदान करते हुए सुभाष ने कहा कि रक्तदान करने से हम ऐसे व्यक्ति की मदद करते हैं जिन्हें हम जानते तक नहीं और जिस व्यक्ति को रक्त डोनेट होता है और वह ठीक होकर घर जाता है तो वह दिल से दुआ देता है। उन्होंने बताया कि वैसे पहले 16 बार रक्तदान कर चुके हैं रक्तदान करने से एक अलग ही स्फूर्ति महसूस होती है। सुभाष ने कहा कि कभी भी खाली पेट रक्तदान ना करें। डॉक्टर से विचार विमर्श करने के बाद ही रक्तदान करना चाहिए।

    रेड क्रॉस ब्लड बैंक के इंचार्ज पूजा सिंघल ने कहा कि सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है इस मौसम में रक्त की ज्यादा जरूरत पड़ती है और रक्तदाता कम होते हैं उन्होंने कहा कि कोरोणा काल के बाद भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही है डॉक्टरों के विचार विमर्श करने के बाद ही रक्तदान करें। उन्होंने कहा कि जोश में आकर कभी भी रक्तदान नहीं करना चाहिए। रक्तदान करने के बाद 1 सप्ताह बाद रक्त की आपूर्ति पूरी हो जाती है पूजा सिंघल ने जनवा सोसाइटी की पूरी टीम का तहे दिल से धन्यवाद किया और कहा कि जो पड़ने पर हमेशा रक्तदान के लिए यह युवा तैयार रहते हैं।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here