सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS Camp) इकाई शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज द्वारा 12 से 18 फरवरी 2026 तक सात दिवसीय विशेष शिविर का सफल आयोजन किया गया। महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव नेजिया खेड़ा में आयोजित इस शिविर में लगभग 50 स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सेवा, जागरूकता और संस्कारों का परिचय दिया। शिविर का शुभारंभ ग्रीन हरियाणा नशा मुक्त हरियाणा थीम के साथ हुआ। स्वयंसेविकाओं को पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। Sirsa News
दूसरे दिन डॉ. सुनीता सिहाग ने स्वस्थ आहार विषय पर व्याख्यान देकर संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया, जबकि डॉ. मोनिका ने सड़क सुरक्षा जागरूकता सेमिनार के माध्यम से यातायात नियमों के पालन का महत्व समझाया। तीसरे दिन छात्राओं ने गौशाला का भ्रमण कर चारा और गुड़ वितरित किया। इसी अवसर पर मनोवैज्ञानिक जागरूकता सत्र में मनोविज्ञान विभाग की मैडम शायना मेहता ने तनाव प्रबंधन के उपाय बताते हुए सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। चौथे दिन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया। पांचवें दिन स्वयंसेविकाओं ने भाई कन्हैया आश्रम पहुंचकर जरूरतमंदों को भोजन व फल वितरित किए।
स्वयंसेविकाओं ने सेवा, जागरूकता और संस्कारों की पेश की मिसाल
छठे दिन राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नेजिया खेड़ा में परिसर की सफाई कर बच्चों को जल एवं विद्युत संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इसके उपरांत नशा मुक्त हरियाणा विषय पर जागरूकता रैली निकाली गई। सप्तम दिवस मैडम रूबी के नेतृत्व में स्वयंसेविकाओं ने एस.एन. राइस मिल, भूमण शाह गांव का भ्रमण कर धान से चावल बनने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की तथा वहां भी वृक्षारोपण किया। समापन अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा ने शिविर की सराहना करते हुए टीम सदस्यों रूबी, गुरदीप एवं सुमन के योगदान की प्रशंसा की। कार्यक्रम अधिकारी पूनम धमीजा ने सभी स्वयंसेविकाओं व स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सड़क सुरक्षा पर नुक्कड़ नाटक और नशा मुक्ति पर आधारित नाटक के माध्यम से सामाजिक संदेश दिए गए। बीए फाइनल की छात्रा अमनदीप ने गीत प्रस्तुति से समा बांध दिया, जबकि नैना, तान्या और खुशप्रीत ने हरियाणवी गीतों पर नृत्य कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन केसर और खुशप्रीत ने किया। अंत में प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा ने सभी प्रतिभागियों को एनएसएस प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए। सात दिवसीय यह शिविर सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और जनजागरण की भावना को सुदृढ़ करने में पूर्णत: सफल रहा। Sirsa News















