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    भारत में मार्केटिंग मैनेजमेंट में प्रमुख करियर आप्शन्स

    Careers

    इन दिनों देश-दुनिया में प्रोडक्ट और सर्विसेज के प्रचार के साथ-साथ इंडस्ट्री, बिजनेस हाउसेज, कॉपोर्रेट हाउसेस और सर्विस सेक्टर के लिए मार्केटिंग मैनेजमेंट बहुत आवश्यक है। इस आर्टिकल में हम भारत में मार्केटिंग मैनेजमेंट की फील्ड में प्रमुख करियर्स के बारे में जानकारी पेश कर रहे हैं।

    12वीं की परीक्षा पास करने के बाद मार्केटिंग मैनेजमेंट के क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन का चयन किया जा सकता है। 12वीं के बाद दो प्रकार के कोर्सेज होते हैं जिनमें आप एडमिशन ले सकते हैं। पहले को-डिप्लोमा कोर्स के रूप में जाना जाता है जबकि अन्य अंडर-ग्रेजुएट कोर्स के रूप में जाना जाता है। इन दोनों में प्राथमिक अंतर कोर्सेज की समाप्ति में शामिल समय विशेष का होता है। आइए मार्केटिंग मैनेजमेंट के विभिन्न कोर्सेज पर एक नजर डालते हैं

    1. मार्केटिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा:
    मार्केटिंग मैनेजमेंट में डिप्लोमा उम्मीदवारों को मार्केटिंग के डोमेन से संबंधित बुनियादी स्तर के नॉलेज और स्किल्स प्रदान करने पर केंद्रित है। इस कोर्स की अवधि एक वर्ष है।

    2. मार्केटिंग मैनेजमेंट में अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज:
    मार्केटिंग मैनेजमेंट में अंडर ग्रेजुएट कोर्स को बीए/बीबीए (मार्केटिंग मैनेजमेंट) के रूप में जाना जाता है। बीबीए की डिग्री प्राइवेट कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज द्वारा प्रदान की जाती है जबकि बीए की डिग्री आमतौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे स्टेट यूनिवर्सिटीज द्वारा आयोजित कोर्सेज के अंतर्गत प्रदान की जाती है। इस कोर्सेज की अवधि तीन साल है।

    3. मार्केटिंग मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज:
    मार्केटिंग मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स को मार्केटिंग में एमबीए/एमए के रूप में जाना जाता है। आम तौर पर, एमबीए कोर्सेज के दूसरे वर्ष में मार्केटिंग मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन की पेशकश की जाती है। कुछ एमबीए इंस्टीट्यूट्स मार्केटिंग फील्ड में भी पूर्ण कोर्सेज प्रदान करते हैं। पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज की अवधि दो साल है।

    4. मार्केटिंग मैनेजमेंट में डॉक्टरेट कोर्स:
    मार्केटिंग मैनेजमेंट में डॉक्टरेट कोर्स को पीएचडी के रूप में जाना जाता है। मार्केटिंग मैनेजमेंट में पीएचडी करते समय ऐसे महत्वपूर्ण टॉपिक का चयन रिसर्च के लिए किया जाता है जिसकी मदद से एकेडमी तथा इंडस्ट्री में अभूतपूर्व योगदान दिया जा सके। डॉक्टरेट कोर्स की अवधि आमतौर पर 3-4 साल होती है। लेकिन यह यूनिवर्सिटी/रिसर्च गाइड द्वारा आवंटित समयरेखा के आधार पर भिन्न हो सकती है।

    मार्केटिंग मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स के लिए विशेषज्ञ सब्जेक्ट्स:

    मार्केटिंग के डोमेन में विभिन्न सब स्पेशलाईजेशन सब्जेक्ट्स के अंतर्गत छात्रों को मार्केट की भलीभांति जानकारी रखने वाले ऐसे कैंडिडेट तैयार करने का प्रयास किया जाता है जिसे प्रत्येक इंडस्ट्री बिना किसी शर्त के अपने यहां जॉब देने के लिए तत्पर रहती है। नीचे दिए गए सब स्पेशलाईजेशन सब्जेक्ट्स मार्केटिंग डोमेन में पढ़ाये जाते हैं।

    1. उपभोक्ता का व्यवहार: यह कोर्स मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और शारीरिक कारकों पर प्रकाश डालता है और यह उपभोक्ता को उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं को खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं। इस विषय का उद्देश्य उपभोक्ता दृष्टिकोण और व्यवहार के बारे में समझ को बढ़ाने वाले तकनीकी ज्ञान प्रदान करना है।

    2. डिजिटल मार्केटिंग: यह नवीनतम विषय है जिसे आजकल लगभग सभी संस्थानों द्वारा वरीयता दी जा रही है।यह विषय आनलाइन मीडिया में व्यापार और ब्रांड की दृश्यता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया मार्केटिंग, सर्च इंजन मार्केटिंग (एसईएम) और कंटेंट मार्केटिंग जैसे विषयों के बारे में विस्तृत समझ प्रदान करता है।

    3. मार्केटिंग रिसर्च: मार्केटिंग मैनेजमेंट का मुख्य आधार रिसर्च है। इस सब स्पेशलाईजेशन का लक्ष्य उपभोक्ताओं या उद्योगों की मांगों को पूरा करने के लिए उपयोग की जा सकने वाली जानकारी एकत्रित करने, विश्लेषण करने और फिर व्याख्या करने में मदद करने वाले स्किल्स में बढ़ोत्तरी करना है।

    4. रूरल मैनेजमेंट: ग्रामीण और रिमोट इलाकों में घुसपैठ और मुनाफा बनाने के लिए अप्रचलित बाजार स्थान को ट्रेस करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस प्रकार, इस विषय का उद्देश्य ग्रामीण बाजारों को टैप करने और उन क्षेत्रों से अधिकतम रेवेन्यु लाने में शामिल बारीकियों की समझ प्रदान करना है।

    5. रीटेल मार्केटिंग: रीटेल मार्केटिंग पूरी तरह से हमारी अर्थव्यवस्था के संगठित खुदरा परिदृश्य का विस्तृत अवलोकन प्रदान करने का कार्य करती है। इस विषय का उद्देश्य बड़े पैमाने पर संगठित रीटेल फील्ड जिनका सकल घरेलू उत्पाद में कोई योगदान नहीं होता को परिवर्तित करना है।यह दुनिया भर में रीटेल के क्षेत्र में विभिन्न रीटेल मॉडल और नए विकास के बारे में समझ विकसित करने के कई द्वार खोलता है।

    कोर्सेज करवाने वाले टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट्स

    •  इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट, कलकत्ता
    •  इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट, लखनऊ
    •  इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे
    •  इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर
    •  इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली
    •  इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, रुड़की

    प्रमुख जॉब प्रोफाइल्स:

    एक मार्केटिंग मैनेजमेंट ग्रेजुएट के लिए बाजार में बहुत सारे जॉब उपलब्ध है। हर इंडस्ट्री या प्रोफेशन में प्रोडक्ट और सर्विस के प्रचार प्रसार के लिए मार्केटिंग मैनेजर की आवश्यकता होती ही है। किस भी बिजनेस का विकास बिना मार्केटिंग मैनेजर के संभव नहीं है। नीचे कुछ लोकप्रिय नौकरी प्रोफाइल का विवरण प्रस्तुत है जिसे मार्केटिंग डोमेन में डिग्री हासिल करने के बाद प्राप्त किया जा सकता है:

    मार्केटिंग मैनेजर, मार्केटिंग रिसर्च एनालिस्ट, एडवर्टाइजिंग एंड प्रोमोशन्स मैनेजर, सोशल मीडिया मैनेजर, प्रोडक्ट/ब्रांड मैनेजर, मीडिया प्लानर, सेल्स मैनेजर, मार्केटिंग कोआर्डिनेटर, पब्लिक रिलेशंस स्पेशलिस्ट, मीटिंग/इवेंट प्लानर, कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव।

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