हमसे जुड़े

Follow us

21.9 C
Chandigarh
Wednesday, January 21, 2026
More
    Home देश Haryana Punja...

    Haryana Punjab Weather Alert: हरियाणा-पंजाब के लोग रहे बेहद अलर्ट, मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, अगले चार दिन फिर से तूफानी बारिश

    Haryana Punjab Weather Alert
    Haryana Punjab Weather Alert: हरियाणा-पंजाब के लोग रहे बेहद अलर्ट, मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, अगले चार दिन फिर से तूफानी बारिश

    सरसा/हिसार, सुनील वर्मा/संदीप सिंहमार। हरियाणा के सरसा में सोमवार को भारी बारिश हुई। बारिश के चलते जहां पूरा शहर जलमग्न नजर आया। इस दौरान 40 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं मध्यप्रदेश के बाद अब मानसून का रुख उत्तरपूर्व राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों में भारी बरसात करेगा। इस परिवर्तनशील मौसम का असर हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में 17 जुलाई को देखने को मिलेगा। भारत मौसम विभाग के मुताबिक 17 जुलाई को हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत और पंजाब के संगरूर व पटियाला में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अभी भी हरियाणा व पंजाब में लगातार 18 जुलाई तक बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। इस दौरान हल्के से मध्यम स्तर की बारिश होगी। भारत मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश के ऊपर बना परिसंचरण तंत्र तीव्र होकर कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पूर्वी राजस्थान में सक्रिय बना हुआ है।

    Get Rid Of Ants: बरसात में बिस्तर पर पहुंच जाती हैं चींटियां? जानिए कारण और 3 आसान उपाय जो दिलाएं छुटकारा

    इसके आगामी 2-3 दिनों में धीरे-धीरे पश्चिमी राजस्थान की ओर आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। पिछले 24 घंटो में कोटा, उदयपुर, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी, अतिभारी बारिश दर्ज हुई है। सर्वाधिक बारिश खातोली, कोटा में 198 मिलीमीटर व पश्चिमी राजस्थान के पाली में 167 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। कोटा के साथ-साथ अजमेर,जयपुर उदयपुर संभाग के कुछ भागों में भारी व अतिभारी बारिश होने व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश भी दर्ज की गई। इसी प्रकार जयपुर,भरतपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी मध्यम से तेज व कहीं-कहीं भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, पंजाब के लोग सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि अगले चार दिन बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। पहले ही नदियां उफान पर है और फिर बारिश से और पानी आने की संभावना है।

    तीन प्रणालियाँ से प्रभावित है दिल्ली का मौसम

    स्काईमेट के मुताबिक वर्तमान में तीन प्रमुख मौसम प्रणालियाँ दिल्ली के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। जिसमें पहली पश्चिमी विक्षोभ है, जो उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में ऊपरी हवा की ट्रफ के रूप में सक्रिय है। दूसरी मौसम प्रणाली पूर्वी राजस्थान व मध्य प्रदेश पर बना चक्रवाती परिसंचरण है। एक निम्न दबाव क्षेत्र पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के मध्य भागों में बना हुआ है। वहीं तीसरे मौसम प्रणाली मानसून ट्रफ की स्थिति है। इस चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है और वर्तमान में यह दिल्ली से काफी नीचे गुजर रहा है। यह स्थिति 15 जुलाई तक बनी रह सकती है। इस दौरान दिल्ली में बारिश हल्की और छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

    हरियाणा व पंजाब में आज से बूंदाबांदी

    15 जुलाई को हरियाणा व पंजाब में जहाँ बूंदाबादी होने की संभावना है तो वहीं राजस्थान के कोटा, अजमेर, जोधपुर संभाग के कुछ भागों में भारी, अतिभारी बारिश व कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। बीकानेर जयपुर भरतपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 16 जुलाई को भी हरियाणा व पंजाब में सामान्य तो जोधपुर, बीकानेर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में भारी बारिश व कहीं कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसी प्रकार पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियों में 17 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में 18 जुलाई से कमी दर्ज होने की प्रबल संभावना है।

    उत्तर की तरफ खिसकेगा मानसून ट्रफ

    जैसे-जैसे निम्न दबाव प्रणाली उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगी, मानसून ट्रफ भी उत्तर की ओर खिसकेगा और 16 तथा 17 जुलाई को यह दिल्ली के बहुत पास से गुजरेगा। इसके चलते इन दोनों दिनों में बारिश की तीव्रता और फैलाव दोनों ही बढ़ेंगे। जब यह निम्न दबाव प्रणाली उत्तर पश्चिम राजस्थान में जाकर कमजोर हो जाएगी, तब मानसून ट्रफ दिल्ली से उत्तर की ओर चली जाएगी। ऐसे में 19 और 20 जुलाई को दिल्ली में बारिश बहुत कम रहेगी।