हमसे जुड़े

Follow us

29.6 C
Chandigarh
Monday, April 13, 2026
More
    Home देश 3500 साल पुरा...

    3500 साल पुराने मिस्र के कब्रिस्तान में मिला ‘बुक ऑफ द डेड’, दुनिया भर के वैज्ञानिक हैरान

    Book Of Dead The Egypt
    Book Of Dead The Egypt 3500 साल पुराने मिस्र के कब्रिस्तान में मिला 'बुक ऑफ द डेड', दुनिया भर के वैज्ञानिक हैरान

    Book Of Dead The Egypt: अनु सैनी। हाल ही में मध्य मिस्र में की गई एक पुरातात्विक खुदाई ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों की एक टीम ने 3,500 साल पुराने एक कब्रिस्तान की खोज की है, जिसमें न केवल प्राचीन ममियां, मूर्तियां और ताबीजें मिली हैं, बल्कि सबसे अद्भुत खोज एक 43 फीट लंबा पपीरस स्क्रॉल है, जिसे “बुक ऑफ द डेड” यानी मृतकों की पुस्तक कहा जाता है। यह खोज अल-गुरैफा नामक इलाके में हुई है, और यह पहला मौका है जब इस क्षेत्र में इतना लंबा और पूरा पपीरस स्क्रॉल मिला है।

    क्या है ‘बुक ऑफ द डेड’? Book Of Dead The Egypt

    बुक ऑफ द डेड एक प्राचीन मिस्र का धार्मिक ग्रंथ है, जिसे मरने के बाद आत्मा की यात्रा और परलोक में मार्गदर्शन के लिए लिखा गया माना जाता है। यह ग्रंथ अलग-अलग प्रार्थनाओं, जादुई मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों का संग्रह होता था, जिसे मृतक के साथ दफनाया जाता था ताकि उन्हें मृत्यु के बाद की दुनिया में सहायता मिल सके।

    क्या-क्या मिला कब्रिस्तान में?

    मध्य मिस्र के इस रहस्यमयी कब्रिस्तान में जो चीज़ें मिली हैं, वे प्राचीन मिस्र की सभ्यता और उनकी मृत्यु-परंपराओं की गहराई को दर्शाती हैं:
    ममियां (Mummies)
    पवित्र ताबीज और प्रतीकात्मक मूर्तियां
    अंगों को संरक्षित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कैनोपिक जार (Canopic Jars)
    43 फीट लंबा बुक ऑफ द डेड का पूर्ण पपीरस स्क्रॉल
    यह स्क्रॉल न केवल अच्छी स्थिति में है बल्कि इसकी बनावट और संरचना भी उत्कृष्ट रूप से संरक्षित है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

    पुरातत्वविदों और विशेषज्ञों की राय

    इस ऐतिहासिक खोज को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है:-
    मिस्र की सर्वोच्च पुरावशेष परिषद के महासचिव मुस्तफा वज़ीरी ने इस खोज को “मिस्र की पुरातात्विक खोजों में मील का पत्थर” बताया। उनका कहना है कि यह खोज 1550 ईसा पूर्व से 1070 ईसा पूर्व के बीच के कालखंड की है, जिसे मिस्र का ‘नया साम्राज्य काल’ भी कहा जाता है।
    लारा वीस, जर्मनी के रोमर और पेलिजेअस संग्रहालय की सीईओ ने कहा कि यह खोज “अद्भुत और बेहद दिलचस्प” है। उन्होंने विशेष रूप से स्क्रॉल की लंबाई और उसकी संरक्षित स्थिति को सराहा।
    फॉय स्कॉल्फ, शिकागो विश्वविद्यालय के मिस्र विशेषज्ञ ने कहा कि इतने पुराने स्क्रॉल का इस हालत में मिलना बेहद दुर्लभ है। इससे मिस्र की अंतिम संस्कार परंपराओं और मृत्यु के बाद की मान्यताओं पर नई जानकारी मिल सकती है।

    मृतकों की यात्रा और आत्मा का मार्गदर्शन

    बुक ऑफ द डेड को केवल एक किताब नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक माना जाता था। इसमें मृत्यु के बाद आत्मा को आने वाले खतरों, देवताओं के समक्ष जवाबदेही और परलोक में सफलतापूर्वक पहुंचने की विधियां बताई गई हैं।
    माना जाता है कि मिस्रवासी मानते थे कि मृत्यु के बाद आत्मा को कई परीक्षाओं और चुनौतियों से गुजरना होता है। ऐसे में यह स्क्रॉल आत्मा के लिए एक “नक्शा” का कार्य करता था।

    भविष्य में हो सकते हैं और भी खुलासे

    वैज्ञानिक अब इस स्क्रॉल की विस्तार से जांच कर रहे हैं। अगर यह पूरी तरह से पढ़ने और अनुवाद करने योग्य हुआ, तो इससे मिस्र की धार्मिक आस्थाओं, भाषा और मृत्यु के बाद की कल्पनाओं को लेकर कई नई जानकारियां सामने आ सकती हैं।
    विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्क्रॉल 43 से 49 फीट तक लंबा हो सकता है और इसकी सामग्री अभी तक लोगों के लिए सार्वजनिक नहीं की गई है। जैसे-जैसे अनुवाद और विश्लेषण आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे नए रहस्य सामने आने की उम्मीद है।

    कैनोपिक जार और मिस्र की दफनाने की परंपरा

    इस खोज में जो कैनोपिक जार मिले हैं, वे भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्राचीन मिस्र में जब किसी को ममी बनाया जाता था, तो उसके अंगों को अलग-अलग जारों में संरक्षित करके दफनाया जाता था। ये जार मृतक की आत्मा को सुरक्षित रखने और परलोक में उसके अस्तित्व को बनाए रखने में मदद करते थे।

    दुनिया भर में चर्चा का विषय

    यह खोज सिर्फ मिस्र तक सीमित नहीं रही। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक, इतिहासकार और धर्मशास्त्री अब इस खोज पर निगाहें जमाए हुए हैं। बुक ऑफ द डेड जैसी धार्मिक सामग्री का इस तरह से मिलना इतिहास के अध्ययन और अध्यात्मिक मान्यताओं को समझने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    प्राचीन इतिहास का एक नया अध्याय

    मध्य मिस्र के अल-गुरैफा इलाके में की गई यह खोज न केवल पुरातत्व की दृष्टि से बल्कि मानव सभ्यता की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।
    बुक ऑफ द डेड का इतना लंबा और संरक्षित रूप में मिलना एक दुर्लभ घटना है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में प्राचीन मिस्र के बारे में कई अनजाने रहस्यों से पर्दा उठेगा।
    संभावित इमेज सजेशन (यदि न्यूज़ पोर्टल या प्रेज़ेंटेशन के लिए हो):-
    1. स्क्रॉल की प्राचीन तस्वीर
    2. अल-गुरैफा इलाके का एरियल व्यू
    3. मिस्र की ममी और कैनोपिक जार
    4. विशेषज्ञ टीम स्क्रॉल की जांच करते हुए
    5. बुक ऑफ द डेड के पुराने संस्करण के चित्र