Telecommunications: नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने चक्रवात दितवाह के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए दूरसंचार सेवाओं की सुरक्षा और त्वरित आपदा प्रतिक्रिया के उद्देश्य से 24×7 कार्यरत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह जानकारी रविवार को संचार मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक वक्तव्य में दी गई। मंत्रालय के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय यह चक्रवात तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के अनेक क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, जिसके मद्देनज़र व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। Cyclone Ditwah
मंत्रालय ने बताया कि सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निर्बाध नेटवर्क सुनिश्चित करने, आपातकालीन पावर बैकअप उपलब्ध रखने, पर्याप्त ईंधन भंडार तैयार रखने तथा संवेदनशील और तटीय जिलों में फील्ड रेस्क्यू टीमें तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी-2020) के तहत इंट्रा-सर्कल रोमिंग (आईसीआर) तथा सेल ब्रॉडकास्ट (सीबी) परीक्षण भी पूर्ण कर लिए गए हैं, ताकि आपात परिस्थितियों में संचार बाधित न हो तथा समय रहते चेतावनी संदेश प्रसारित किए जा सकें।
सरकार ने कहा कि चक्रवात के दौरान और उसके बाद नेटवर्क संचालन निरंतर बनाए रखने के लिए नियंत्रण कक्ष और सेवा प्रदाताओं के बीच सतत संवाद एवं स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गर्जन-तड़ित और तेज हवाएँ चल सकती हैं। तमिलनाडु में चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मृत्यु होने की खबर है, जबकि डेल्टा क्षेत्रों में 149 पशुओं की मौत तथा लगभग 57,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। Cyclone Ditwah















