डेरा श्रद्धालु परमिन्द्र इन्सां ने गलती से आए 93 हजार रुपये आढ़ती को वापस लौटाए
Honesty: महल कलां/बरनाला (सच कहूँ/जसवीर गहल)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक महल कलां के गांव मूंम के एक डेरा श्रद्धालु ने इन्सानियत की सच्ची सेवा की मिसाल पेश की है। इसके तहत ह्यइन्सांह्ण ने गलती से अधिक आए 93 हजार रुपये ईमानदारी से आढ़ती को वापस कर दिए। Barnala News
जानकारी देते हुए डेरा श्रद्धालु परमिन्द्र सिंह इन्सां ने बताया कि वे गांव हथूर निवासी, सोना आढ़ती के पास अपनी फसल बेचते हैं। हर बार की तरह उन्होंने इस बार भी धान की फसल सोना आढ़ती को ही बेची थी। फसल का हिसाब-किताब करने के बाद सोना आढ़ती ने उनकी लाखों रुपये की बनती राशि आॅनलाइन उनके बैंक खाते में डाल दी, जो पहली नजर में ही उन्हें अधिक प्रतीत हुई।
स्वयं आढ़ती को बेची गई फसल और प्राप्त राशि का हिसाब लगाया
इसके बाद उन्होंने स्वयं आढ़ती को बेची गई फसल और प्राप्त राशि का हिसाब लगाया। इस दौरान आढ़ती और उनके द्वारा किए गए हिसाब में अंतर पाया गया। इसके बाद उन्होंने तुरंत सोना आढ़ती से संपर्क किया। पहले तो आढ़ती ने भेजी गई राशि को सही बताया, लेकिन जब परमिन्द्र सिंह इन्सां ने अपना हिसाब उनके सामने रखा तो आढ़ती ने स्वीकार किया कि उनसे 93 हजार रुपये अधिक चले गए हैं। Barnala News
परमिन्द्र सिंह इन्सां ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन एवं महान शिक्षाओं के अनुसार उन्होंने गलती से अधिक आए 93 हजार रुपये सोना आढ़ती को वापस कर दिए। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरु जी हमेशा मानवता की भलाई करने की शिक्षा देते हैं, जिसके तहत वे समय-समय पर जरूरतमंदों की हर संभव सहायता करते रहते हैं। ऐसे में गलती से आए पैसे वे कैसे रख सकते थे।
सोना आढ़ती ने पूज्य गुरुजी व परमिंद्र इन्सां का जताया आभार
सोना आढ़ती ने बताया कि परमिन्द्र सिंह इन्सां मूंम पिछले दो वर्षों से ही उनके पास फसल बेचने आ रहे हैं। कुछ समय पहले ही उन्होंने धान की फसल बेची थी, जिसकी पूरी राशि हिसाब-किताब के बाद ऑनलाइन उनके बैंक खाते में डाल दी गई थी। बाद में परमिन्द्र सिंह इन्सां ने फोन कर बताया कि उनके खाते में 93 हजार रुपये अधिक आ गए हैं और वे यह राशि वापिस करना चाहते हैं।
इस दौरान जब दोबारा हिसाब जांचा गया तो वास्तव में 93 हजार रुपये अधिक चले गए थे, जो परमिन्द्र सिंह इन्सां ने ईमानदारी से वापस कर दिए। उन्होंने कहा कि इस घोर कलियुग में भी परमिन्द्र सिंह इन्सां ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है, जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। इस दौरान उन्होंने पूज्य गुरु जी व डेरा श्रद्धालु परमिन्द्र सिंह इन्सां का तहेदिल से धन्यवाद किया। Barnala News















