
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लोकतंत्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा की सराहना की। उन्होंने इस दिन को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास को और अधिक गहरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कार्य कर रहे भारत निर्वाचन आयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि आयोग से जुड़े सभी लोग भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। मतदाता भागीदारी को लोकतंत्र की जान बताते हुए मोदी ने स्पष्ट किया कि मतदान करना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि एक अनिवार्य कर्तव्य भी है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया हर नागरिक को राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में भागीदारी सुनिश्चित करने का मंच प्रदान करती है।
विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे निरंतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का हिस्सा बनें। उन्होंने विशेष रूप से युवा मतदाताओं और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। मोदी ने मतदाता बनने की प्रक्रिया को एक उत्सव के रूप में देखने की बात कही।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ‘मेरा-भारत’ स्वयंसेवकों को पत्र लिखकर एक नयी पहल का आह्वान भी किया। उन्होंने आग्रह किया कि जब भी कोई युवा पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकृत हो, तो उस क्षण को एक उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि मतदान के माध्यम से ही हम अपनी लोकतांत्रिक भावना का सम्मान कर सकते हैं और देश की आधारशिला को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।














