
मंडी कालांवाली के 20वें शरीरदानी बने प्रेमी हंसराज इन्सां
Body Donation: ओढ़ां, राजू। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी जीते जी तो इंसानियत की सेवा करते ही हैं बल्कि मरणोपरांत भी इंसानियत के काम आते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू की गई मरणोपरांत शरीरदान करने की मुहिम अमर सेवा की कड़ी में एक नाम और जुड़ा ब्लॉक श्री जलालआणा साहिब (Sri Jalalana Sahib) की मंडी कालांवाली (Mandi Kalanwali) के वार्ड नंबर 4 निवासी प्रेमी हंसराज इन्सां का। प्रेमी हंसराज इन्सां की पार्थिव देह को इलाही नारों एवं पुष्पवर्षा के बीच मेडिकल शोध कार्यों हेतु दान कर किया गया। Sirsa News
हंसराज इन्सां को मंडी कालांवाली के 20वें शरीरदानी का गौरव प्राप्त हुआ। करीब 70 वर्षीय प्रेमी हंसराज इन्सां मंगलवार अलसुबह सचखंड जा विराजे। उन्होंने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां से नाम शब्द लिया हुआ था। पूज्य गुरु जी के पावन वचनों पर चलते हुए वे सेवा, सुमिरन एवं अन्य मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी रहते थे। मंगलवार को उनके मरणोपरांत उनकी बहन व भाइयों ने बिना किसी लोक-लाज की परवाह किए बगैर पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए प्रेमी हंसराज इन्सां की मृत देह नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, गौतमबुद्ध नगर (उत्तरप्रदेश) को दान कर दी। उनकी मृत देह मेडिकल के छात्रों के शोध कार्यों में काम आएगी।
इलाही नारों एवं पुष्पवर्षा के बीच किया रुखस्त | Sirsa News
शरीरदानी हंसराज इन्सां को अंतिम विदाई देने हेतु शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य, साध-संगत, परिजन एवं रिश्तेदार व गणमान्य लोगों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उपस्थितजनों ने सचखंडवासी हंसराज इन्सां अमर रहे एवं जब तक सूरज चांद रहेगा-प्रेमी हंसराज इन्सां तेरा नाम रहेगा के नारे लगाकर, पुष्पवर्षा एवं सैल्यूट कर उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी गाड़ी में अंतिम विदाई दी।
इससे पूर्व डेरा सच्चा सौदा की मुहिम बेटा-बेटी एक समान के तहत प्रेमी हंसराज इन्सां की अर्थी को कंधा उनकी बहन पम्मी कौर इन्सां, मैना रानी व गूजरी देवी व रानी कौर ने दिया। मंडी कालांवाली के जोन नंबर 1 के प्रेमी सेवक राम इन्सां ने बताया कि हंसराज इन्सां कर्मठ सेवादारों में गिने जाते थे। हंसराज इन्सां की कमी हमेशा महसूस होगी। Sirsa News
डेरा अनुयायी मरणोपरांत शरीरदान कर इंसानियत का फर्ज निभा रहे हैं
वहीं इस अवसर पर मौजूद सच्चे नम्र सेवादार सुरजीत इन्सां ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मरणोपरांत शरीरदान जैसा महा दान कर इंसानियत का फर्ज निभा रहे हैं। अब तक मंडी कालांवाली में 20 शरीरदान हो चुके हैं, जोकि एक बहुुत बड़ा उदाहरण है। ये सब पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं के चलते ही हो रहा है। प्रेमी हंसराज इन्सां अविवाहित थे और अपनी बहन पम्मी कौर इन्सां के साथ रहते थे। वे पिछले काफी समय से श्वास रोग से पीड़ित थे। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते मंडी कालांवाली की साध-संगत उनकी समय-समय पर राशन, दवा व अन्य मदद करती रहती थी।
डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम बेहद ही सराहनीय है। आज के स्वार्थी युग में ऐसे उदाहरण बहुत कम देखने को मिलते हैं। मंडी कालांवाली में इससे पहले भी अनेकों डेरा अनुयायियों के शरीरदान हो चुके हैं। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी समाज की सेवा में हमेशा ही अग्रणी रहे हैं। Sirsa News
– सुनील बुमराह, एमसी (वार्ड नंबर 4, मंडी कालांवाली)














