शामली वन प्रभाग द्वारा आयोजित किया गया पक्षी जागरूकता, आर्द्रभूमि संरक्षण एवं बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। World Wetlands Day: सोमवार को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर शामली वन प्रभाग द्वारा मामौर झील पर पक्षी जागरूकता, आर्द्रभूमि संरक्षण एवं बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन एवं विद्यार्थियों में आर्द्रभूमियों के संरक्षण, पक्षियों की सुरक्षा, जैव विविधता तथा प्राकृतिक जलस्रोतों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस दौरान आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने बताया कि आर्द्रभूमि प्राकृतिक जल भंडारण, भू-जल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण तथा पक्षियों व अन्य वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। Kairana News
उन्होंने आर्द्रभूमियों पर हो रहे अतिक्रमण, प्रदूषण एवं जलभराव में कमी जैसी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही, इनके संरक्षण हेतु सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों एवं नागरिकों को पक्षियों के जीवनचक्र, उनके प्राकृतिक आवास, प्रवासी पक्षियों की भूमिका तथा पर्यावरण संतुलन में उनके महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि स्थानीय पारंपरिक ज्ञान और छोटे स्तर के प्रयास आर्द्रभूमि एवं पक्षी संरक्षण में प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं। इसके अलावा, बच्चों को प्रकृति से जुड़ाव रखने, पक्षियों के प्रति संवेदनशील बनने तथा आर्द्रभूमियों की रक्षा करने का संदेश दिया गया। वहीं, आमजन से अपील की गई कि वह जलस्रोतों में कचरा न डालें, प्लास्टिक का प्रयोग कम करें, आर्द्रभूमि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की सूचना वन विभाग को दें तथा ग्रीष्म ऋतु में पक्षियों के लिए जल एवं दाना उपलब्ध कराएं।
बर्ड वॉचिंग गतिविधि का भी किया गया आयोजन | Kairana News
मामौर झील पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बर्ड वॉचिंग गतिविधि का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को झील क्षेत्र में पाए जाने वाले स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों से परिचित कराया गया। बच्चों ने पक्षियों को नजदीक से देखकर उत्साहपूर्वक भाग लिया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। उन्हें बताया कि आर्द्रभूमि और पक्षियों का संरक्षण एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है।
इनके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी शामली(डीएफओ) जगदेव सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी ऊन(सीओ) कृष्णकांत, क्षेत्रीय वन अधिकारी कैराना(सीओ) राजेश कुमार, वन दारोगा वंश मलिक, अशोक कुमार, सताक्षी मित्तल, विक्रांत ढाका, रोहित कुमार, वनरक्षक विपिन छिल्लर, संदीप राणा व जोगिंदर कुमार आदि मौजूद रहे।
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