Param Pita Shah Satnam Ji: पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के पावन हुक्मानुसार पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने अपना हवेलीनुमा घर गिरा दिया। घर में मौजूद सारा सामान रेडियो, घड़ी, पानी की टंकी, गाड़ी, कपड़ों से भरी पेटियां, संदूक, बिस्तर, मोटरसाइकिल, फर्नीचर तथा अन्य सभी वस्तुएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों में भरकर डेरा सच्चा सौदा, सरसा ले आए। उस समय नई ईंटों की कीमत 28 रुपये प्रति हजार थी, लेकिन ट्रक चालक श्री जलालआणा साहिब से सरसा तक ईंटों की ढुलाई के लिए 20 रुपये प्रति हजार किराया मांग रहे थे। MSG Maha Rahmokaram Month
इस पर आप जी ने पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के पावन चरण कमलों में अर्ज की, ‘‘साईं जी! यदि आप जी की आज्ञा हो तो पुरानी ईंटें गांव में ही किसी को दे दें और यहाँ नई र्ईंटें मंगवा लेते हैं।’’ यह सुनकर पूजनीय बेपरवाह साईं जी ने फरमाया, ‘‘नहीं भाई! नहीं, तेरे मकान का तो एक कंकर भी एक लाख रुपये में किसी को नहीं दिया जाएगा। सारी ईंटें यहाँ डेरे में ही लेकर आओ।’’इस प्रकार अपने प्यारे सतगुरु जी के हुक्म को सर्वोपरि मानते हुए आप जी अपने मकान का सारा मलबा, र्ईंटें, गार्डर और लकड़ी के बड़े-बड़े शहतीर आदि सब कुछ ट्रकों और ट्रॉलियों में भरकर डेरा सच्चा सौदा, सरसा ले आए। MSG Maha Rahmokaram Month















