कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: नगर तथा आसपास के गांवों में रमज़ान माह के चौथे जुमे की नमाज़ पूरे श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक भावनाओं के साथ अदा की गई। शहर की प्रमुख मस्जिदों सहित ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाज़ु जुटे और अल्लाह की इबादत में लीन रहे। कैराना नगर के साथ-साथ तीतरवाड़ा, पंजीठ तथा अन्य गांवों की मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। नमाज के दौरान मस्जिदों में आध्यात्मिक माहौल बना रहा और लोगों ने रमजान की बरकतों से लाभ उठाने की दुआ की। Kairana News
कैराना नगर की जामा मस्जिद, इशाअतुल इस्लाम, दरबार मस्जिद, मक्की मस्जिद, बंगला वाली मस्जिद, छप्पर वाली मस्जिद तथा शामली बस स्टैंड वाली मस्जिद में क्रमशः मौलाना मोहम्मद ताहिर, मौलाना मोहम्मद उमैर नदवी, मौलाना मुमशाद, मौलाना मोहम्मद याकूब, मौलाना फैज मोहम्मद तथा कारी मोहम्मद अनीस ने जुमे की नमाज़ अदा कराई और नमाज़ियों को संबोधित किया। इस दौरान उलेमा ने अपने खुत्बों में रमज़ान के तीसरे अशरे की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह जहन्नुम से निजात का अशरा है, इसलिए मुसलमानों को इस दौरान अधिक से अधिक इबादत, तौबा और इस्तिगफार करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने जकात और सदक़ा-ए-फितर की अहमियत बताते हुए जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की। इशाअतुल इस्लाम मस्जिद में अपने बयान में मौलाना मोहम्मद उमैर नदवी ने कहा कि रमज़ान दरअसल कुरआन का महीना है।
इस पाक महीने में मुसलमानों को कुरआन की तिलावत ज्यादा से ज्यादा करनी चाहिए और उसकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुरआन इंसानियत के लिए हिदायत का मुकम्मल रास्ता दिखाता है और उसकी शिक्षाओं पर अमल करके ही समाज में अमन और भलाई कायम हो सकती है। उन्होंने तरावीह की नमाज़ की अहमियत पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि रमजान में कुरआन की तिलावत और तरावीह की नमाज़ से दिलों को सुकून मिलता है और अल्लाह की रहमतें हासिल होती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि रमजान के बाकी दिनों को भी इबादत और नेक कामों में गुजारें। उधर जुमे की नमाज़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। Kairana News
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