SEBI Chairman Statement: नई दिल्ली। Securities and Exchange Board of India के अध्यक्ष Tuhin Kanta Pandey ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का पूंजी बाजार लगातार विस्तार और मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने खुदरा निवेशकों से अपील की कि वे बाजार में आने वाले अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराकर जल्दबाजी में निर्णय न लें। SEBI News
राष्ट्रीय राजधानी New Delhi में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि निवेश के क्षेत्र में धैर्य सबसे महत्वपूर्ण रणनीति है। उनके अनुसार, इतिहास गवाह है कि बड़े वैश्विक संकटों के बाद भी बाजार धीरे-धीरे स्थिर होकर फिर से विकास की राह पकड़ लेते हैं। सेबी प्रमुख ने बताया कि भारतीय पूंजी बाजार आकार, विविधता और भागीदारी के लिहाज से लगातार मजबूत हो रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जैसे-जैसे बाजार का विस्तार होता है, वैसे-वैसे वह अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से अधिक प्रभावित भी होने लगता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर कई ऐसे कारक हैं जो वित्तीय बाजारों में अस्थिरता को बढ़ा रहे हैं। इनमें भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां और तेजी से बदलती तकनीक प्रमुख हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्षों ने ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसका असर वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और पूंजी बाजारों पर भी देखा जा रहा है। SEBI News
बदलते माहौल में नीति निर्माताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है
पांडे ने यह भी बताया कि आज के दौर में जानकारी और समाचार बहुत तेजी से फैलते हैं, जिसके कारण बाजारों में प्रतिक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक तेज होती है। डिजिटल तकनीक, एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उपकरणों ने वित्तीय बाजारों की गति को और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस बदलते माहौल में नीति निर्माताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि बाजार की गति के साथ उसकी स्थिरता और पारदर्शिता भी बनी रहे। निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए सेबी कई स्तरों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
सेबी प्रमुख के अनुसार, भारत की आर्थिक प्रगति के अगले चरण के लिए मजबूत बॉन्ड बाजार, संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और वित्तीय क्षेत्र में तकनीकी नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, निवेशकों को भ्रामक सूचनाओं से बचाने के लिए सोशल मीडिया पर फैलने वाली गलत जानकारी पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि बाजार में संभावित हेरफेर या गलत सूचनाओं का पता लगाने के लिए उन्नत निगरानी प्रणालियों को और प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि निवेशकों का विश्वास बना रहे और बाजार की पारदर्शिता कायम रहे। SEBI News















