India–Pakistan War: सन् 1971 का भारत-पाक युद्ध भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना रहा। 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया, जिसके जवाब में भारत ने सुनियोजित और प्रभावी कार्रवाई की। मात्र 13 दिनों के भीतर 16 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। लगभग 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने हथियार डाल दिए, जो विश्व इतिहास में सबसे बड़े सामूहिक आत्मसमर्पणों में से एक माना जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर एक नए राष्ट्र बांग्लादेश के रूप में स्थापित हुआ। इस ऐतिहासिक विजय के प्रमुख सूत्रधार जनरल सैम मानेकशॉ थे।
उनका जन्म 3 अप्रैल 1913 को अमृतसर में हुआ। प्रारंभ में वे चिकित्सक बनना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों के चलते सेना में शामिल हो गए। उनकी दूरदर्शिता का एक उदाहरण तब देखने को मिला जब उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के जल्दबाजी में युद्ध के प्रस्ताव को टालते हुए बेहतर तैयारी के लिए समय मांगा। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में लड़ते हुए उन्हें कई गोलियां लगीं, फिर भी उन्होंने साहस नहीं छोड़ा। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया और 1973 में वे देश के पहले फील्ड मार्शल बने। India–Pakistan War
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