हमसे जुड़े

Follow us

23 C
Chandigarh
Monday, March 30, 2026
More
    Home फीचर्स जब पहली बार अ...

    जब पहली बार अंतरिक्ष पहुंचा था नासा

    NASA

    दुनिया की सबसे बड़ी और सफलतम अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ऐसे बड़े से बड़े मुकाम को हासिल किया है जिसका पूरी दुनिया लोहा मानती है। जैसे वो भले चंद्रमा पर जाने की बात हो या मंगल गृह पर। नासा ने अंतरिक्ष के बड़े से बड़े गृह और उपग्रह पर जाकर अपनी सफलता का लोहा मनवाया है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं नासा के अब तक के सफर की कहानी। नासा की स्थापना के लिए अमेरिका में 29 जुलाई 1958 को राष्टÑीय एयूरोनोटिक एक्ट तैयार किया जिस पर अमेरिका के राष्टÑपति ने हस्ताक्षर कर पारित किया। वर्ष 1965 में आज ही के दिन 23 मार्च को नासा ने पहली बार जैमिनी 3 अंतरिक्ष यान से दो व्यकितयों को अंतरिक्ष में भेजा। और अभी हाल ही में नासा ने चांद के इर्द-गिर्द घूम रहे जल अणुओं का भी पता लगा लिया है। यह जानकारी जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लैटर्स में प्रकाशित हुई है।

    गौरतलब है कि बीते एक दशक तक वैज्ञानिकों का मानना था कि चांद शुष्क है और अगर कहीं पानी है तो वह चांद के हमेशा रात में रहने वाले दूसरे हिस्से में ध्रुवों के निकट बने खड्डों में बर्फ के रूप में हो सकता है। अब खबर यह भी आ रही है कि नासा पहली बार एक महिला को चंद्रमा पर उतार रहा है। नासा के प्रशासक व्हाइल ब्राइडेनस्टीन ने किसी व्यक्ति की पहचान नहीं की लेकिन कहा है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की आगामी परियोजनाओं में महिलाओं को आगे रखा गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी रेडियो कार्यक्रम साइंस फ्राइडे को हाल में दिए गए साक्षात्कार के दौरान ब्राइडेनस्टीन ने कहा, यह भी सच है कि मंगल पर पहला शख्स भी एक महिला हो सकती है।

    नासा ने हाल ही में घोषणा की थी कि इस महीने के अंत तक उसका पहला ऐसा स्पेसवॉक तैयार हो जाएगा जिसमें सभी महिलाएं होंगी और अंतरिक्ष यात्री एने मैकक्लेन एवं क्रिस्टीना कोच को अंतरिक्ष की सैर का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, मार्च के अंत में हमारे पास पहला स्पेसवॉक होगा जिसमें सभी महिलाएं होंगी, यह महीना बेशक राष्ट्रीय महिला माह है। इसलिए नासा यह निश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे पास प्रतिभा का विस्तृत एवं विविधता भरा समूह हो।

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।