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    बीएचयू में 17 कोरोना संदिग्ध मरीज की जांच,13 निगेटिव

    Coronavirus Patients

    राजकीय चिकित्सालयों में आईसोलेशन वार्ड स्थापित किये

    वाराणसी (एजेंसी)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुन्दर लाल अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के 17 संदिग्ध मरीजों में 13 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें यहां से अलग-अलग दिन छुट्टी दी गई है जबकि चार के नमूनों की जांच की जा रही है। अस्पताल के सूत्रों ने सोमवार को बताया कि गत छह से 16 मार्च के दौरान एक अमेरिकी एवं एक गुजरात की महिला समेत 17 मारीजों में 13 के नमूने निगेटिव पाये जाने के बाद उन्हें यहां से अलग-अलग दिन छुट्टी दी गई है। चार के नमूने की जांच की जा रही है।

    उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के दो एवं वाराणसी के सात मरीज अस्पताल में इलाज कि लिए आये। चंदौली, आजमगढ़ एवं गाजीपुर और बिहार के रोहतास जिले के एक-एक संदिग्ध मरीजों को आईसोलेशन वार्ड में रख कर जांच की गई। इस बीच काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सफाई के बाद ही दर्शन-पूजन की इजाजत दी ज रही है। जिलाधकारी कौशल राज शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वे इसे लेकर न/न घबराने या भयभीत हो। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग एवं सक्रिय है तथा स्थिति पर निरन्तर निगरानी की जा रही है। राजकीय चिकित्सालयों में आईसोलेशन वार्ड स्थापित किये गये हैं। अब तक किसी भी संदिग्ध मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।

    एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, होटलों इत्यादि पर भी सतत् निगरानी

    उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, होटलों इत्यादि पर भी सतत् निगरानी की जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिन्हित देशों से आने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों की तत्काल जांच की व्यवस्था की गयी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी बी सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच की सुविधा अब बीएचयू के माइक्रोबायोलाजी विभाग में उपलब्ध है। पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय,पाण्डेयपुर, वाराणसी में सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था की गयी है। डॉ. सिंह ने मरीज एवं उनके परिवार के सदस्य एवं मित्रों को सावधान करते हुए कहा कि खांसने एवं छींकते समय रूमाल या कोई कपड़ा मुंह पर रखना चाहिए, ताकि खांसी/छींक के माध्यम से वायरस वातावरण में न फैले।

    वातार्लाप करते समय उचित दूरी-वातार्लाप करते समय एक हाथ या उसके अधिक दूरी बनाये रखें, ताकि थूक आदि के संक्रमित कण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में न पहुंचे। उन्होंने उपरोक्त चिन्हित देशों की यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी है। यदि किसी संक्रमण की आशंका हो तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक को दिखायें। यदि तबियत ज्यादा खराब हो तो पं.दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय,पाण्डेयपुर, वाराणसी में सैंपल की जांच करायें एवं जनसामान्य से अलग रहें।

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