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    क्या संत डॉ. राम रहीम सिंह जी इन्सां ने छुपा रखा है कोई सीक्रेट

    Baba Ram Rahim story

    बरनावा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां  आॅनलाइन गुरूकुल के माध्यम से युवाओं से रूबरू हुए। इस दौरान पूज्य गुरू जी ने युवाओं द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। इसके साथ ही युवाओं को जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्त जीवन जीने के टिप्स भी दिए।
    सवाल : गुरू जी आपकी लाइफ में क्या कोई ऐसा सीक्रेट (छुपी हुई बात) है, जो आपने किसी को नहीं बताया?
    पूज्य गुरू जी का जवाब : हमारी लाइफ में ऐसा कुछ नहीं है। हमारी लाइफ एक खुली किताब है और ऐसा कोई सीक्रेट नहीं है जो हमने छुपा के रखा हो। खुली किताब की भांति हमारा जीवन है। हर बात हम शेयर करते हैं सबसे। हमारी छह करोड़ साध-संगत ये सारी जानती है। सारे बच्चों से हम हर बात कर लेते हैं।

    सवाल : गुरू जी आपकी लाइफ में क्या कोई ऐसा सीक्रेट (छुपी हुई बात) है, जो आपने किसी को नहीं बताया?
    पूज्य गुरू जी का जवाब : हमारी लाइफ में ऐसा कुछ नहीं है। हमारी लाइफ एक खुली किताब है और ऐसा कोई सीक्रेट नहीं है जो हमने छुपा के रखा हो। खुली किताब की भांति हमारा जीवन है। हर बात हम शेयर करते हैं सबसे। हमारी छह करोड़ साध-संगत ये सारी जानती है। सारे बच्चों से हम हर बात कर लेते हैं।
    सवाल : गुरू जी आजकल जैसे लाइफ में काफी चेंजिज हो रहे हैं। तो कई बार स्ट्रैस बहुत ज्यादा हो जाता है। स्ट्रैस और टैंशन के कारण मेडिटेशन भी नहीं हो पाता तो इस स्थिति से कैसे रिकवर हों?
    पूज्य गुरू जी का जवाब : मेडिटेशन ही दिमागी परेशानी को दूर करता है। मेडिटेशन नहीं हो पा रहा तो आप सुबह-सुबह वॉकिंग करें। वॉकिंग करते हुए साथ-साथ सुमिरन करेंगे, मेडिटेशन करेंगे तो उससे मेडिटेशन भी हो जाएगा और आपका जो दिमागी बोझ है भी दूर हो जाएगा।
    सवाल : गुरू जी जब हमारी आयु शादी के लायक हो जाती है तो हमारी टैंशन होती है कि हमारी लाइकिंग, हमारी थिकिंग जीवन साथी से मिलती है या नहीं तो अपने लिए परफैक्ट पार्टनर (जीवनसाथी) कैसे चुनें।
    पूज्य गुरू जी का जवाब : हमारे ख्याल से पुराने समय से जो चली आई रीत है हमारे धर्मों की, कि उसमें माँ-बाप जाया करते थे। वे गुणों और अवगुणों का पता किया करते थे, वो बैस्ट था। लेकिन फिर भी आज की नौजवान पीढ़ी चाहती है कि वो खुद इन चीजों से रूबरू हो तो उसके लिए यही जरूरी है कि आप किसी ऐसी माध्यम के द्वारा अपने माँ-बाप के साथ जाकर, परिवार के साथ जाकर कोई ऐसी सांझी जगह पर बैठकर बातें करें ताकि आपको पता चल जाए कि सामने वाला आपके लिए सही है या नहीं। बातों के बिना तो हमें नहीं लगता कि ये संभव हो पाएगा।

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