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Wednesday, February 25, 2026
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    ट्रेड यूनियनों व बैंकों की देशव्यापी हड़ताल से कारोबार प्रभावित

    Protest

    देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में पीयू मुकम्मल बन्द | Protest

    • विद्यार्थियों, अध्यापकों और कर्मचारियों ने दिया बंद में समर्थन

    पटियाला(सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। पंजाबी यूनिवर्सिटी की अलग-अलग स्टूडैंट्स, अध्यापकों और कर्मचारी संगठनों की ओर से देश व्यापक आम (Protest) हड़ताल का समर्थन करते यूनिवर्सिटी पूरी तरह मुकम्मल बंद रखी गई। इस दौरान परीक्षाओं से लेकर, कक्षाओं, लैबोरेट्रियों व प्रशासनिक सेवाएं बंद कर दी गई। इन संगठनों की ओर से यूनिवर्सिटी का मैन गेट, पार्किंग और बैक गेट भी बंद कर दिया गया। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के मैन गेट आगे इन संगठनों के नेताओं की ओर से धरना लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते जमकर अपनी भड़ास निकाली गई।

    हड़ताल में आल इंडिया स्टूडैंट्स फेडरेशन, स्टूडैंट्स फेडरेशन आफ इंडिया, पंजाब स्टूडैंट्स यूनियन, पंजाब स्टूडैंट्स यूनियन (ललकार), डेमोक्रेटिक स्टूडैंट्स आगे्रनाईजेशन और पंजाब रेडिकल स्टूडैंट्स यूनियन की ओर से हिमायत और ‘यंग इंडिया कोआर्डीनेशन समिति’ के आह्वान पर पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में हड़ताल की गई। इस हड़ताल के साथ सहमत होते आॅल इंडिया रिसर्च स्कालर्स एसोसिएशन, पंजाबी यूनिवर्सिटी टीचर्स एसो. बी-क्लास कर्मचारी यूनियन, ए-क्लास कर्मचारी यूनियन, सीवाईएसएस (आप विद्यार्थी विंग), आउट सोर्सिंग सिक्योरिटी, आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारी आदि अध्यापक और कर्मचारी संगठन व विद्यार्थी और रिसर्च स्कालर मुकम्मल हड़ताल के लिए शामिल हुए।

    परीक्षाओं से लेकर, कक्षाओं और प्रशासनिक सेवाएं बन्द |Protest

    उल्लेखनीय है कि देश में बनाऐ जा रहे सांप्रदायिक माहौल की आड़ में सरकार अपनी, आर्थिक नाकामियों को छुपाने की कोशिश में है जिसके अंतर्गत वह नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी आदि को सामने रख रही है और देश में धार्मिक कम -संख्याओं के लिए डर का माहौल बना कर धार्मिक बहु-संख्याओं का समर्थन जीतने की कोशिश में है, परंतु दूसरी तरफ सरकार लगातार रोजगार, शिक्षा, सेहत -सुविधाओं आदि मसलों पर फेल हो रही है, जिस कारण देश में बेरोजगारी, अनपढता, भुखमरी आदि के रिकार्ड टूट रहे हैं और सारा देश गरीबी की दलदल में फंसा हुआ है परंतु सरकार इन मसलों पर ध्यान देने की बजाय लोगों का ध्यान आपसी लड़ाई में उलझाना चाहती है।

    हड़ताल में किसान यूनियनें व 70 विद्यार्थी संगठनें शामिल| Protest

    • प्रदर्शनाकरियों ने कहा कि सरकार ने खुद ही लोगों में झूठ का प्रापेगंडा करने का बीड़ा उठाया हुआ है
    • देश की मीडिया को इस्तेमाल कर रही है और पूरे देश को बेवकूफ बनाने का काम जोरों पर है।
    • यूनिवर्सिटियों-कालेजों में फीसों में भारी वृद्धि की जा रही है, नयी शिक्षा नीति को लागू करने की तैयारियां जोरों पर हैं।
    • वहीं इसका विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज, गुंडागर्दी का सहारा लेकर सख्ती बरतने की कोशिश की जा रही है।
    • सरकार कॉपोर्रेट घरानों को फायदा दिलाने के लिए और पब्लिक एजुकेशन का खत्म करने लिए नयी शिक्षा नीति ला रही है।
    • पूरे देश में साईबर सल्ल पर अपने किराये के मीडिया के द्वारा प्रॉपेगंडा कर उनको देशद्रोही साबित करने पर तुली हुई है ।
    • ऐसे हालात में देश का कर्मचारी -किसान और विद्यार्थी -अध्यापक वर्ग देश में सुचारू भूमिका निभा कर सरकार की ऐसी कोशिशों को नाकाम करने के लिए कमर -कस रहा है।
    • आज की आम हड़ताल इसी दिशा का एक कदम है, जिसमें देश की बड़ी ट्रेड यूनियनों, किसान यूनियनों और 70 के करीब विद्यार्थी संगठनें शामिल हैं।

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