प्लॉट, मकान और रुपये का लालच देकर रची गई योजना, जांच में खुलासा होने पर दर्ज हुई एफआईआर
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और सरपंच की शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी आरटीआई के तहत मांगने वाले ग्रामीण को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में गांव जमाल की सरपंच विनोद रानी, उनके पति ओम प्रकाश, सुरेंद्र कुमार और आशा रानी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। Sirsa News
शिकायतकर्ता मोहन लाल निवासी गांव जमाल ने बताया कि उसने 18 जनवरी 2024 को आरटीआई के जरिए ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और सरपंच की शैक्षणिक योग्यता का विवरण मांगा था। इसके बाद जुलाई और अगस्त 2024 में उसने डीसी सरसा और मुख्यमंत्री को नालियों के फर्जी बिल और कम कार्य के बावजूद अधिक भुगतान किए जाने की शिकायत भेजी थी। आरोप है कि इन शिकायतों से नाराज होकर सरपंच और उनके सहयोगियों ने उसे झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची।
इसके तहत गांव की एक महिला आशा रानी को प्लॉट, मकान और रुपये का लालच देकर अपने साथ मिलाया गया। सुरेंद्र कुमार ने आशा को मोहन लाल से वीडियो कॉल कर बातचीत करने और उसका वीडियो बनाने के लिए उकसाया। इसके बाद आशा रानी ने मोहन लाल के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, मोहन लाल ने तुरंत पुलिस को पूरी साजिश से अवगत कराया।
जांच के दौरान सच्चाई सामने आने पर आशा रानी ने अपनी शिकायत वापस ले ली और स्वीकार किया कि उसने दबाव और लालच में आकर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित मोहन लाल ने इसके बाद पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सोमवार को चौपटा थाना पुलिस ने सरपंच विनोद रानी, उनके पति ओम प्रकाश, सुरेंद्र कुमार और आशा रानी के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Sirsa News















