किसानों की एंट्री प्रभावित, मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की मांग तेज, पेयजल व नशे के मुद्दे भी उठे
MP Selja Kumari: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। गेहूं खरीद सीजन के बीच अनाज मंडियों में अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। मंगलवार दोपहर बाद सांसद कुमारी सैलजा ने कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया और कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला के साथ सरसा अनाज मंडी का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों, मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। Sirsa News
मीडिया से बातचीत में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि वह दूसरी बार मंडी में पहुंची हैं। इससे पहले वह सरसों खरीद के दौरान भी यहां आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गेटपास व्यवस्था और पोर्टल की खामियों के कारण किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि गेटपास समय पर नहीं कट रहे, जिससे मंडी में गेहूं की आवक प्रभावित हो रही है, जबकि जो फसल पहुंच चुकी है उसका उठान भी समय पर नहीं हो पा रहा। सरकार पोर्टल आधारित व्यवस्था पर जोर दे रही है, लेकिन जब पोर्टल ही सुचारू रूप से नहीं चल रहा तो किसानों का रिकॉर्ड कैसे चढ़ेगा और खरीद प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी। सैलजा ने कहा कि किसान मंडी के बाहर इंतजार करने को मजबूर हैं। क्या किसान अनिश्चित समय तक ऐसे ही बैठे रहें? उन्होंने सवाल उठाया।

सरकार की तैयारियों में गंभीर खामियां हैं
उन्होंने यह भी कहा कि यह समय किसानों और मजदूरों के लिए सबसे व्यस्त होता है, लेकिन सरकार की तैयारियों में गंभीर खामियां हैं। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि नए नियम लागू करने से पहले किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से संवाद करना चाहिए था, ताकि जमीनी समस्याओं को समझा जा सके। पल्लेदार मजदूरों की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनकी मजदूरी नहीं बढ़ाई गई है, जिससे उनका जीवनयापन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गेटपास, पोर्टल और बायोमेट्रिक तीनों व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर फेल साबित हो रही हैं। सैलजा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार के दावे जमीन पर खोखले साबित हो रहे हैं। चंडीगढ़ और दिल्ली में बैठकर फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका असर सीधे किसानों, मजदूरों और आढ़तियों पर पड़ रहा है। Sirsa News
उन्होंने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अभी तक नुकसान का सही आंकलन नहीं हुआ है और न ही मुआवजे को लेकर कोई स्पष्टता है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल सरसा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में यही हालात हैं। इस अवसर पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष कृष्णा फौगाट, वीरभान मेहता, नवीन केडिया, राजकुमार शर्मा, आत्म प्रकाश मेहरा, राजेश चाडीवाल, तेजभान, सतपाल मेहता और संदीप नेहरा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल, खराब वाटर कूलर पर घिरा प्रशासन
मंडी मजदूरों ने सांसद कुमारी सैलजा के समक्ष स्वच्छ पेयजल की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर सांसद ने मार्केट कमेटी सचिव वीरेंद्र मैहता से जवाब तलब किया। शुरूआत में सचिव ने समस्या से इनकार किया, लेकिन मजदूरों ने 124 नंबर दुकान के सामने लगे वाटर कूलर के खराब होने की बात कही। मजदूरों ने बताया कि उन्हें दूषित पानी पीना पड़ रहा है। बाद में सचिव ने कूलर खराब होने की बात स्वीकार करते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार को पोर्टल बंद रहने के कारण मैन्युअली गेटपास जारी किए गए।
मजदूरी बढ़ाने की मांग तेज, डिजिटल कांटों पर भी नाराजगी
अनाज मंडी वेलफेयर सोसायटी के प्रधान सोमनाथ सहित पल्लेदार मजदूरों ने मजदूरी न बढ़ाए जाने का मुद्दा उठाया। सांसद सैलजा ने उनकी मांग संसद में उठाने का आश्वासन दिया। मजदूरों ने कहा कि बढ़ती महंगाई के मुकाबले मजदूरी में बढ़ोतरी बेहद कम है। कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला ने कहा कि वे यह मुद्दा विधानसभा में उठा चुके हैं। मजदूरों ने डिजिटल कांटों को लेकर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना तैयारी लागू करने से बार-बार चार्जिंग, वजन में गड़बड़ी और तुलाई में देरी जैसी समस्याएं आ रही हैं।
संजय कॉलोनी में नशे का मुद्दा गरमाया, महिलाओं ने विधायक को घेरा | Sirsa News
संजय कॉलोनी निवासी रानी और अन्य महिलाओं ने विधायक गोकुल सेतिया के समक्ष क्षेत्र में बढ़ते नशे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 15-20 साल के युवा मेडिकल नशे की चपेट में आ रहे हैं। विधायक ने जवाब दिया कि मेडिकल नशे से जुड़ी गोलियां अभी एनडीपीएस एक्ट में शामिल नहीं हैं, जिससे कार्रवाई में दिक्कत आती है। उन्होंने कहा कि वे यह मुद्दा विधानसभा में उठा चुके हैं, लेकिन सरकार उनके दल की नहीं है। इस पर महिलाओं ने कहा कि उन्होंने उन्हें वोट दिया है, इसलिए समाधान भी उनसे ही चाहते हैं। विधायक ने कहा कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन नशे पर प्रभावी नियंत्रण सरकार स्तर पर ही संभव है।















