Aliens News: हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक पॉडकास्ट में एलियंस को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि “क्या एलियंस सच में मौजूद हैं?”, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “वे सच में मौजूद हैं।” हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी एलियंस को नहीं देखा और न ही उन्हें एरिया 51 में छिपाकर रखा गया है।
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बाद में दिया स्पष्टीकरण | Aliens News
ओबामा ने बाद में अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे “स्पीड राउंड” के अंदाज़ में जवाब दे रहे थे। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया कि ब्रह्मांड की विशालता को देखते हुए सांख्यिकीय रूप से जीवन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि: ब्रह्मांड अरबों-खरबों आकाशगंगाओं से भरा है। इतने विशाल विस्तार में कहीं न कहीं जीवन होना संभव है। लेकिन सौर मंडलों के बीच की दूरी इतनी अधिक है कि एलियंस के हमसे संपर्क करने की संभावना बेहद कम है। अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि बाहरी ग्रहों के प्राणियों ने पृथ्वी से संपर्क किया हो।
उनका यह बयान वैज्ञानिक सोच पर आधारित था, न कि किसी गुप्त जानकारी के खुलासे पर।
Area 51: रहस्यों से घिरा सैन्य ठिकाना
एरिया 51 अमेरिका के नेवादा रेगिस्तान में स्थित एक अत्यंत गोपनीय सैन्य परीक्षण स्थल है। शीत युद्ध के दौरान इसे गुप्त रूप से विकसित किया गया था। वर्षों तक अमेरिकी सरकार ने इसके अस्तित्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया था।
2013 में खुला राज
2013 में Central Intelligence Agency (CIA) ने आधिकारिक तौर पर एरिया 51 के अस्तित्व को स्वीकार किया। हालांकि, उन्होंने यूएफओ दुर्घटनाओं, एलियन कैदियों या नकली चंद्रमा लैंडिंग जैसी सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया।
दस्तावेजों के अनुसार:
- यह लगभग 8,000 वर्ग मील (20,700 वर्ग किलोमीटर) क्षेत्र में फैला है।
- यहां कई अति-गुप्त विमानों का परीक्षण किया गया।
- 1950 के दशक में Lockheed U-2 जासूसी विमान का परीक्षण यहीं हुआ।
- बाद में B-2 Spirit स्टील्थ बॉम्बर जैसे उन्नत विमानों का भी परीक्षण किया गया।
एलियंस और साजिश सिद्धांत
एरिया 51 को लेकर दशकों से कई साजिश सिद्धांत प्रचलित हैं। कुछ लोग दावा करते हैं कि: यहां एलियन यान रखे गए हैं। अमेरिकी सरकार एलियंस के संपर्क में है। अमेरिका की सुपरपावर स्थिति के पीछे एलियंस का हाथ है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एरिया 51 के आसपास की गोपनीयता ने ही इन अफवाहों को जन्म दिया।
बराक ओबामा का बयान किसी रहस्योद्घाटन से ज्यादा एक वैज्ञानिक संभावना की ओर इशारा करता है। उन्होंने साफ कहा कि ब्रह्मांड में जीवन की संभावना हो सकती है, लेकिन पृथ्वी से संपर्क का कोई प्रमाण उनके पास नहीं है। एरिया 51 आज भी रहस्यों और कल्पनाओं का केंद्र बना हुआ है, लेकिन अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार वहां एलियंस से जुड़ा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। एलियंस का सवाल अभी भी मानव जिज्ञासा का हिस्सा है—और शायद आने वाले समय में विज्ञान ही इसका असली जवाब देगा।
पवित्र ग्रन्थों में हजारों साल पहले लिखा हुआ है कि पृथ्वी के अलावा भी सैकड़ों अन्य ग्रहों पर जीवन है
गौरतलब हैं कि एलियंस के बारे में हमारे धर्मों के पवित्र ग्रन्थों में हजारों साल पहले लिखा हुआ है कि पृथ्वी के अलावा भी सैकड़ों अन्य ग्रहों पर जीवन है, जिसका उल्लेख पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने अपने सत्संगों में अनेक बार किया है।















