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    इस कलियुग में धरती पर फरिश्ते बनकर आए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार: ओमप्रकाश

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    Sangaria News इस कलियुग में धरती पर फरिश्ते बनकर आए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार ओमप्रकाश

    संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। Sangaria News: डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। ब्लॉक संगरिया के सेवादारों ने मानसिक रूप से परेशान एक युवक की न केवल संभाल की, बल्कि महज 7 दिनों के भीतर उसके परिजनों को ढूंढकर उसे सही-सलामत सौंप दिया। सेवादारों ने बताया कि 29 मार्च को सादुलशहर रोड पर गांव बोलावाली के पास प्रेमी सेवक रजी राम और अमोलक इन्सां को एक युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त हालत में मिला। इसकी सूचना तुरंत संगरिया के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के जिम्मेवार लाल चंद इन्सां को दी गई। सेवादार तुरंत मौके पर पहुंचे और युवक को मानवता भलाई केंद्र लेकर आए। केंद्र लाकर युवक की सार-संभाल शुरू की। Sangaria News

    होस संभालने पर उसने अपना नाम नंदू निवासी दरभंगा (बिहार) बताया। युवक से मिली जानकारी के आधार पर सेवादार रामफल इन्सां ने बिहार के सेवादारों से संपर्क साधा। कड़ी मशक्कत के बाद दरभंगा में नंदू के परिवार का पता लगा लिया गया। जैसे ही नंदू की उसकी मां श्याम प्यारी और भाई राम भरोसे से फोन पर बात कराई गई, परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस पुनीत कार्य में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां, बबलू गर्ग इन्सां, प्रबल गोयल इन्सां, गुरचरण इन्सां, ओमप्रकाश बुडानिया इन्सां, विनोद हांडा इन्सां, संदीप बाघला इन्सां, अमोलक इन्सां, रजी राम इन्सां, विजय चुघ अमराराम इन्सां, सुखदेव इन्सां व सुरेंद्र जग्गा इन्सां का सहयोग रहा।

    परिजनों व पुलिस ने सेवादारों का जताया आभार | Sangaria News

    सूचना मिलते ही नंदू का भाई राम भरोस और मौसेरा भाई प्रकाश कुमार संगरिया पहुंचे। पुलिस प्रशासन और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में कागजी कार्यवाही पूरी कर युवक को उसके परिवार के सुपुर्द किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी ओम प्रकाश चैक करे ने कहा, ‘इस कलियुग में डेरा सच्चा सौदा के सेवादार धरती पर फरिश्ते बनकर आए हैं।’ पुलिस प्रशासन ने भी इस नेक कार्य को सबसे बड़ी मानवीय सेवा बताया। मानसिक रूप से विक्षिप्त नंदू के परिजन पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व साध-संगत का धन्यवाद कर रहे थे।

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