आपदा को बनाया अवसर: अब टीवी पर चलेगी शिक्षा की पाठशाला

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स्वयंप्रभा चैनल व हरियाणा एजुसेट के चार चैनलों के माध्यम से होगी ऑनलाइन पढ़ाई

  • इस बार वाट्सएप ग्रुप में अध्यापक-विद्यार्थियों के साथ शामिल होंगे अभिभावक

सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा। कोविड की दूसरी लहर के चलते प्रदेश में महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा नाम से लगाए गए लॉकडाउन के चलते सत्र 2021-22 में भी स्कूल बंद पड़े हैं। जिसके चलते सरकार ने गत वर्ष की भांति इस बार भी एनसीईआरटी के समन्वय से चलाए जा रहे स्वयंप्रभा चैनल व हरियाणा एजुसेट के चार चैनलों के माध्ययम से दूरवर्ती शिक्षा उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। हरियाणा एजुसेट के माध्यम से पहली से बारहवीं के विद्यार्थियों व उच्च शिक्षा के लिए चार चैनल चलाए गए जा रहे हैं जो अब केबल टीवी के माध्यम व जीयो टीवी के द्वारा हर घर में उपलब्ध है। इन चैनलों पर प्रसारण 16 जून बुधवार से शुरू हो गया है। वहीं शिक्षा विभाग ने भी अब सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से पढ़ाई करवाने के लिए नये सिरे से प्लानिंग तैयार की गई है।

वाट्सएप ग्रुप में जुड़ेंगे शिक्षकों के साथ अभिभावक

सभी कक्षाओं का विषय मुताबिक अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। जिसमें अभिभावकों के साथ उस कक्षा से संबंधित सभी अध्यापकों को भी जोड़ा जाएगा। बीआरपी व एबीआरसी अभिभावकों के साथ संपर्क सुनिश्चित करने के लिए वाट्सएप ग्रुप बनाने में अध्यापकों एंव स्कूल मुखिया का सहयोग करेंगे। इसके अलावा बीआरपी व एबीआरसी अभिभावकों के साथ नियमित तौर पर प्रसारण की दैनिक समय सारणी भी सांझा करेंगे और अभिभावकों के साथ नियमित संपर्क बनाकर रखेंगे तथा उन्हें बच्चों को घर में पढ़ाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे।

गूगल मीट से भी होगी पढ़ाई

आनलाइन तरीके से पढ़ाने के लिए ई विद्यालय योजना शुरू की है। इस योजना को तीन स्तर में पूरा किया जाएगा। योजना में जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन नहीं है। उनकी मदद आसपास के स्कूल शिक्षक, अभिभावक व स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य मिलकर करेंगे। जिससे विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा सके। इसी के साथ जिन विद्यार्थियों के पास इंटरनेट और स्मार्टफोन है। उनको गूगल मीट और जूम जैसे चैनलों से जोड़कर पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन विद्यार्थियों के पास कम रेंज का इंटरनेट है, उनसे शिक्षक टेलीकान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित करेंगे।

‘‘सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जिन विद्यार्थियों के पास इंटरनेट और स्मार्टफोन है। उनको गूगल मीट और जूम जैसे चैनलों से जोड़कर पढ़ाई करवाई जाएगी। इसी के साथ जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन नहीं है। उनकी मदद आसपास के स्कूल शिक्षक, अभिभावक व स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्यों से लेंगे। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई सही तरीके से चले।

संतकुमार बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी, सरसा।

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