25 फीसदी तक बढ़े मोबाइल के दाम

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मोबाइल उपकरणों के दामों की बढ़ोतरी ने यूजर्स को रूलाया

  • असमंजस और मजबूरी में जेबें ढीली करने पर मजबूर

सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा। कोरोना संक्रमण की विभिषिका किसी से छिपी नहीं है और इसका वैश्विक प्रभाव न केवल भौतिक संसाधनों पर बल्कि मानवीय जीवन के हर उस पहलू पर पड़ा है जिससे इंसान का गहरा नाता है। कोरोना संक्रमण के दौर में सरकारों ने मानव जीवन की रक्षा के लिए लॉकडाउन लगाया जिससे मानवीय जीवन की स्थिति काफी विकट रही। इस दौर में सभी विमान सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गई जिससे देश की आयात निर्यात व्यवस्था पर गहरा विपरीत प्रभाव पड़ा। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के दौर में महंगाई ने जिस प्रकार आसमान छुआ है, उससे कोई भी वर्ग वंचित नहीं है। साग सब्जी, फल, खाद्य संसाधनों के अलावा सभी प्रकार की वस्तुओं के दामों में हुई बढ़ौतरी से इतर मौजूदा दौर में संपर्क और संवाद का सबसे बड़ा आधार समझे जाने वाली मोबाइल उपकरणों के दामों में बढ़ौतरी ने देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को रोने के लिए मजबूर कर दिया है।

25 फीसदी तक बढ़े दाम

इससे कोई इंकार नहीं कर सकता कि व्यक्ति दो रोटी कम खाकर तो जीवन व्यतीत कर सकता है मगर वर्तमान में मोबाइल सेवाओं के बगैर उसका जीवन अधूरा है। कोरोना के इस भयंकर दौर में विदेशों से किसी भी कंपनी के मोबाइल उपकरणों के आयात न होने के कारण देशभर में इसके दामों में करीब 25 फीसदी बढ़ोतरी ने मोबाइल यूजर्स को घुटनों पर ला दिया है। आम आदमी के जीवन में मोबाइल की महत्ता से कोई इंकार नहीं कर सकता और यही कारण है कि अपने जीवन की अन्य सुविधाओं को हाशिए पर रखकर भी आमजन अपने मोबाइल के फीचर्स को बढ़ाने के लिए सभी प्रकार के उपकरणों को खरीदने पर मजबूर है।

लॉकडाउन से बढ़ी हैं परेशानियां

शहर के कुछ मोबाइल विक्रेताओं ने बेबाकी से कहा कि देश में अधिकांश मोबाइल फोन के पार्ट्स विदेशों से आयात किए जाते हैं और भारत में आकर एसेंबल किए जाते हैं मगर पिछले लंबे समय से लगे लॉकडाउन के चलते विदेशों से मोबाइल पार्ट्स देश में आयात नहीं हो पा रहे जिससे पहले से ही कम संख्या में उपलब्ध स्पेयर पार्ट्स के दाम बढ़े हैं।

ऑनलाइन स्टडी के लिए मोबाइल जरूरी

आकाश, निपुण, साहिल, मुकेश आदि मोबाइल यूजर्स ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में जहां देशभर की शिक्षण संस्थाएं बंद हैं, ऐसे में स्टडीज केवल ऑनलाइन मैथड से केवल मोबाइल पर ही लग रही हैं जिससे मोबाइल का प्रयोग पहले की अपेक्षा काफी गुणा बढ़ गया है। नित्य नए एप्स पर स्टडी मैटीरियल आदि देखने, पढ़ने के लिए मोबाइल में नए फीचर्स की आवश्यकता रहती है और ऐसे में इनकी प्राप्ति नवीनतम स्पेयर पार्ट्स पर ही निर्भर है। मगर मोबाइल पार्ट्स के बढ़े दामों ने रूला दिया है। बेहतर होगा कि सरकारें इस व्यवस्था को गंभीरता से समझते हुए तमाम वे निर्णय ले जिससे महंगी होती तमाम वस्तुओं के साथ-साथ मोबाइल जैसी आवश्यक सेवाओं के पार्ट्स के दामों में भी कमी आए।

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