हमसे जुड़े

Follow us

22.1 C
Chandigarh
Friday, February 6, 2026
More
    Home कृषि बारिश के कारण...

    बारिश के कारण गेहूं कटाई और तूड़ी बनाने का काम रुका

    Sirsa News

    बिजाई का काम भी प्रभावित, हटानी पड़ेगी फसल पर जमी मिट्टी

    खारियां। (सच कहूँ/सुनील कुमार) अब रबी फसल गेहूं की कटाई, कढ़ाई और नई फसल की बिजाई (Sirsa News) का समय चल रहा है। लेकिन बेमौसम बारिश अब भी किसानों का पीछा नहीं छोड़ रही है। रविवार को जिले के गांव शाहपुर बेगू, खारियां, चक्कां, भून्ना, रिसालिया खेड़ा, बनवाला, नथौर, केहरवाला, घोड़ावाली सहित अन्य कई गावों में दोपहर बाद अचानक मौसम बदलने से तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें एक बार फिर खिंच गई। तेज हवाओं के साथ बारिश ने किसानों की गेहूं कटाई, कढ़ाई व तूड़ी बनाने सहित आगामी फसल की बिजाई संबंधी चल रहा कार्य प्रभावित कर दिया है।

    यह भी पढ़ें:– निकाय चुनाव मैं आरक्षण को लेकर ब्राह्मण महासभा ने भरी हुंकार

    किसान रमेश नोखवाल ने बताया कि उनके खेत में गेहूं (Wheat) की फसल अभी निकाली ही थी कि अचानाक से मौसम बदला और काफी बारिश हुई जिससे गेहूं की निकाली हुई फसल भीग गई। अब उन्हें गेहूं के खराब होने का डर सता रहा है। किसान पवन सोखल का कहना है उनके खेतों में पशुओं के लिए स्ट्रारीपर से तूड़ी बनाने का कार्य चल रहा था जो बारिश होने से अगले दो दिनों के लिए बंद हो गया। अगर मौसम साफ हुआ तो तूड़ी तो बन जाएगी लेकिन अब प्रति एकड़ तूड़ी का वजन व मात्रा पहले से कम रहेगी।

    इसके साथ ही खारियां से विनोद निमिवाल का कहना है कि उनके खेतों में नरमा की बिजाई किए तीन दिन हुए थे। लेकिन रविवार को हुई बारिश ने बिजाई को प्रभावित कर दिया। अब या तो बिजाई की गई फसल की कुरुंड (बारिश से फसल पर जमी मिट्टी को हटाना पड़ेगा) फोड़नी पड़ेगी या फिर एक बार फिर नए सिरे से बिजाई करनी पड़ेगी। इन दोनों की स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मेहनत भी ज्यादा करनी पड़गी।

    पशुपालक महेन्द्र गोयल व विष्णु नोखवाल ने बताया कि उन्होंने अपने पशुओं के लिए 12 हजार रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से तूड़ी खरीदी थी। (Sirsa News) जो अचानाक से आई तेज आंधी से दूर तक उड़ गई। जिससे तूड़ी की मात्रा कम होने से कीमत और ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में मौसम में बार बार हो रहे अचानक बदलाव से खेती कार्य बहुत प्रभावित हुआ है। इस बारिश से किसानों के खेतों में गेहूं का कचरा भीग जाने से स्ट्रारीपर का कार्य बंद हो गया और तूड़ी कार्य के साथ कंबाईन व बिजाई कार्य काफी प्रभावित हुई है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here