हमसे जुड़े

Follow us

11.9 C
Chandigarh
Wednesday, February 4, 2026
More
    Home राज्य पंजाब दो महीने में ...

    दो महीने में प्रदूषण मानक पूरे करें डाइंग उद्योग, नहीं तो एक्शन : सोनी

    Dyeing Industry, Complete, Pollution, Standard, Two Months, OP Sony

    लुधियाना (एजेंसी)। मिशन तंदरुस्त पंजाब के तहत शुद्ध वातावरण बनाने के मकसद से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर मंगलवार को सूबे के पर्यावरण मंत्री ओपी सोनी ने डाइंग उद्योगों के साथ सर्किट हाउस में बैठक की। बैठक में उद्यमियों की समस्या सुनने के बाद मंत्री ने कहा कि उद्योग जगत अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, उनको बंद नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन पर्यावरण को नुकसान भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोनी ने डाइंग उद्योग को अल्टीमेटम दिया कि दो माह के भीतर प्रदूषण मानक पूरे किए जाएं और गंदे पानी को सही ढंग से ट्रीट किया जाए। इसके बाद कानून के अनुसार इकाईयों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्यमियों का साथ देने वाले अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा।

    सोनी ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि डाइंग उद्यमी पानी को ट्रीट किए बिना ही बुड्ढे नाले में डाल रहे हैं। नतीजतन लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। सोनी ने साफ किया कि तीन कॉमन एफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट चलाने के लिए सरकार यत्‍‌नशील है। इन प्लांटों के लिए सरकार ने अपने हिस्से के फंड मुहैया करा दिए हैं। सोनी ने सीईटीपी लगाने के वक्त माइनिंग एवं मिट्टी में कथित हेराफेरी के मामले की जांच कराने के लिए कमेटी गठन करने का भी ऐलान किया। सीईटीपी शुरू नहीं करना तो हमारा पैसा वापस मिले

    बैठक में डाइंग उद्यमी भी पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने मंत्री को बुढ्डे नाले में जमा कचरे, पाइपों के जरिए नाले में गिर रहे गंदे पानी की फोटो भी दिखाई। लुधियाना डाइंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मांग की गई कि डाइंग उद्योग सीईटीपी के लिए अलॉट जगह का अब तक चार करोड़ दस लाख रुपये किराया सरकार को दे चुके हैं, लेकिन सरकारी फंड न मिलने से सीईटीपी शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में अदा कि या किराया उद्योग को वापस दिया जाए। जो भी कमी होगी दो माह में पूरी कर लेंगे एसोसिएशन के प्रधान अशोक मक्कड़ का कहना है कि सभी इकाइयां पानी मानकों के तहत ट्रीट कर रही हैं। यदि कोई कमी है उसे दो माह में दूर कर लिया जाएगा। प्रदूषण कम करने में सरकार को पूरा सहयोग किया जाएगा। सरकार की सुस्त चाल को उद्यमियों ने किया उजागर

    महासचिव बॉबी जिंदल ने कहा कि सरकार ने आठ साल पहले ताजपुर रोड पर 50 मिलियन लीटर डिस्चार्ज क्षमता का सीईटीपी लगाना मंजूर किया था। इसकी कुल लागत 55 करोड़ थी। इसमें से 15 करोड़ सब्सिडी केंद्र सरकार ने देनी थी, अभी तक एक पैसा भी नहीं मिला। साढ़े सात करोड़ रुपये सूबा सरकार ने देने थे, इसमें से कुछ रकम आई है। जबकि उद्यमियों ने अपनी जेब से 10 करोड़ सीईटीपी पर खर्च किये हैं, पांच करोड़ से सीवरेज डलवाए हैं। 14 करोड़ रुपये बैंक में जमा हैं जबकि दस करोड़ का लोन पास है। यदि सरकारें अपनी हिस्सेदारी दें तो सीईटीपी को तेजी से शुरू कर इंडस्ट्री के माथे से प्रदूषण का कलंक धोया जा सकता है। इस अवसर पर के शो राम विज समेत कई उद्यमी एवं अधिकारी मौजूद रहे।