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    पीजीआई कुलपति को भेजा पांच करोड़ मानहानी का नोटिस

    Five crore defamation notice sachkahoon

    कुलपति व कार्यकारी परिषद् के सदस्यों पर प्रताड़ित के लिए गंभीर आरोप

    • खानपुर मेडिकल कॉलेज में निदेशक रहते डॉ. आरसी सिवाच पर लगाए गए थे गंभीर आरोप

    • स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर हुई थी जांच

    सच कहूँ/नवीन मलिक, रोहतक। खानपुर कला मेडिकल कॉलेज के पूर्व निदेशक एवं पीजीआईएमएस के आर्थो विभागाध्यक्ष ने पीजीआई कुलपति सहित कार्यकारी परिषद् के सदस्यों को पांच करोड़ रुपए मानहानी का नोटिस भेजा है। मामले की जांच अधिकारी रहे डॉ. आरबी सिंह सहित 25 अधिकारियों को यह नोटिस भेजा गया है। आर्थो विभागाध्यक्ष पर मेडिकल कॉलेज का निदेशक रहते वक्त फर्जी तरीके से भर्ती करने, वित्तिय अनियममिताओं सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जांच के आदेश दिए थे।

    बाद में जांच अधिकारी को लेकर आर्थो विभागाध्यक्ष ने कोर्ट में अर्जी दी थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मामले की जांच कर रहे अधिकारी डॉ. आरबी सिंह से इस संबंध में गवाह व दस्तावेज पेश करने को कहा गया, लेकिन जांच अधिकारी अदालत में कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए, जिसके चलते न्यायाधीश आरपी भसीन ने विभागाध्यक्ष डॉ. आरसी सिवाच को क्लीन चिट दी। जिसको लेकर अब डॉ. आरसी सिवाच ने पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालरा सहित 25 अधिकारियों को मानहानी का नोटिस भेजा है, जिसमें पीजीआई के रजिस्ट्रार एचके अग्रवाल, निदेशक रोहतास यादव सहित कई बड़े अधिकारी शामिल है।

    जून 2011 में पीजीआई के आर्थो विभागाध्यक्ष डॉ. आरसी सिवाच को खानपुर कला मेडिकल कॉलेज में निदेशक लगाया गया था और 2016 में वापिस पीजीआई बुला लिया गया। निदेशक रहते वक्त डॉ. आरसी सिवाच पर कई गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए। मामले की शुरूआती जांच के लिए डॉ. आरबी सिंह को नियुक्त किया गया। 2018 में इसी मामले में डॉ. आरसी सिवाच को निलंबित कर दिया गया।

    अदालत ने तीन फरवरी को डॉ. सिवाच को दी थी क्लीन

    डॉ. आरसी सिवाच ने बताया कि पीजीआई कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने षडयंत्र के तहत जांच अधिकारी नियुक्त किया था। उन्होंने बताया कि डॉ. आरबी सिंह, डॉ. एपीएस बतरा, महेन्द्र सिंह व डॉ. एमएस पुनिया ने जो उन पर गंभीर आरोप लगाये थे, वह सभी निराधार थे। यहां तक कि इन्होंने तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया और सरकार को भी गलत रिपोर्ट भेजी गई। अदालत ने इस मामले में तीन फरवरी 2021 को डॉ. आरसी सिवाच को क्लीन दी। अब डॉ. सिवाच ने साजिश रचने, झूठे दस्तावेज पेश करने को लेकर पीजीआई के कुलपति सहित 25 अधिकारियों को मानहानी का नोटिस भेजा है।

    मुझे नहीं मिला कोई नोटिस: डॉ. कालरा

    जब इस बारे में पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालरा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस तरह का अभी कोई नोटिस नहीं मिला है और न ही यह मामला उनके संज्ञान में है।

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