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    Weather: बारिश का देवता, ये पक्षी साल में सिर्फ एक बार पीता है पानी, किसान मानते हैं शुभ संकेत

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    Weather: बारिश का देवता, ये पक्षी साल में सिर्फ एक बार पीता है पानी, किसान मानते हैं शुभ संकेत

    Weather: अनु सैनी। प्रकृति के रहस्यों से भरी इस धरती पर कई जीव-जंतु अपनी अनोखी आदतों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन एक ऐसा पक्षी भी है जिसे किसान “बारिश का देवता” मानते हैं। यह पक्षी साल में केवल एक ही बार पानी पीता है — और वह समय होता है जब मानसून दस्तक देता है। यह नजारा न सिर्फ अद्भुत होता है, बल्कि किसानों के लिए बेहद शुभ संकेत भी माना जाता है।

    कौन है ये रहस्यमयी पक्षी? Weather

    इस पक्षी का नाम है चातक। संस्कृत साहित्य और लोक मान्यताओं में इसका विशेष स्थान है। कहा जाता है कि यह पक्षी पूरे साल पानी नहीं पीता, बल्कि केवल स्वाति नक्षत्र में गिरने वाली पहली बारिश की बूंदों का ही इंतजार करता है। जब यह पहली बूंद गिरती है, तभी यह पक्षी उसे ग्रहण करता है। यही कारण है कि इसे आकाश का पानी पीने वाला पक्षी भी कहा जाता है।

    क्यों कहते हैं किसान इसे बरसात का देवता? Weather

    ग्रामीण इलाकों में खासकर उत्तर भारत के किसान इस पक्षी की आवाज और उड़ान को वर्षा आगमन का प्रतीक मानते हैं। मान्यता है कि जब यह पक्षी आसमान में चक्कर लगाते हुए विशेष आवाज निकालता है, तो समझा जाता है कि अब जल्द ही बारिश शुरू होगी। ऐसे में खेतों में बीज बोने और खेती की तैयारी तेज कर दी जाती है।

    वैज्ञानिक नजरिया क्या कहता है? Weather:

    हालांकि वैज्ञानिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि यह पक्षी साल में केवल एक बार पानी पीता है, लेकिन इसकी मौसमी गतिविधियां और मौसम परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता ने इसे ग्रामीण जनमानस में विशेष स्थान दिला दिया है। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, चातक का व्यवहार वास्तव में बारिश से पहले होने वाले बदलावों पर निर्भर करता है।

    लोककथाओं में भी है जिक्र

    भारतीय कवियों और साहित्यकारों ने चातक पक्षी को प्रतीक के रूप में भी उपयोग किया है। कवि कालिदास से लेकर भारतेन्दु हरिश्चंद्र तक ने अपनी रचनाओं में चातक के प्रतीक्षा-भाव और उसकी प्यास को प्रेम, समर्पण और आशा के प्रतीक के रूप में दर्शाया है।

    प्रकृति के संकेतों को पहचानने और उन्हें जीवन का हिस्सा बनाने की परंपरा भारत की संस्कृति में सदियों पुरानी है। चातक पक्षी इसका सुंदर उदाहरण है। यह न केवल एक पक्षी है, बल्कि किसानों के लिए एक उम्मीद, आस्था और मौसम के बदलाव का सूचक बन चुका है। चाहे यह मान्यता वैज्ञानिक हो या धार्मिक, पर यह तय है कि जब चातक आसमान में दिखाई देता है, तो धरती पर हरियाली की उम्मीद भी साथ लाता है।

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