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Wednesday, April 8, 2026
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    पाक अधिकृत कश्मीरियों के लिए सुविधाएं बढ़ाए सरकार

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    भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक अधिकृत कश्मीर के नागरिकों के वीजा के लिए पाक से सहमति पत्र की अनिवार्यता को हटाकर देश से कटे उन भारतीयों को बहुत बड़ी राहत दी है, जोकि पाक कब्जे में होने के चलते पहले ही परेशानियों में हैं।

    भारत तेजी से स्वास्थ्य के क्षेत्र में तरक्की कर रहा है, जिसके लिए पड़ोसी पाकिस्तान से मरीजों की एक बड़ी संख्या भारत आ रही है। इससे पहले विदेश मंत्री ने एक पाकिस्तानी कैंसर पीड़ित महिला को वीजा मंगाने पर पाकिस्तान को उलाहना भेजा था और पाकिस्तानी लोगों से कहा था कि वह अपने विदेश विभाग से पहले भारतीय कूलभूषण जाधव की मां अवंतिका जाधव को वीजा देने का कहें, कुलभूषण पाकिस्तान की अवैध हिरासत में है।

    भारतीय विदेश मंत्री ने ये शर्त महज पाकिस्तानियों के लिए लगाई थी। कश्मीरियों को इस शर्त से बाहर रखकर भारत की एकता में भारतीय विदेश मंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पाक अधिकृत कश्मीर लोगों को देश से जुड़ाव देने के लिए केन्द्र सरकार को कुछ अन्य योजनाएं भी शुरु करनी चाहिए। भारतीय शिक्षण संस्थानों में पाक अधिकृत कश्मीर के बच्चों को नियमों में छूट देकर दाखिले दिए जा सकते हैं।

    सीमा पार के जो कश्मीरी भारतीय व्यापारियों के साथ कारोबार कर रहे हैं, उन्हें कुछ कर छूट देकर ज्यादा से ज्यादा भारतीय सम्पर्कों को बढ़ाया जा सकता है। हालांकि भारत के इन प्रयासों में पाकिस्तान हर तरह से रोड़े अटकायेगा, क्योंकि पाकिस्तान को कश्मीर की आजादी के नाम पर आतंकियों की सप्लाई पाक अधिकृत कश्मीर से भी हो रही है।

    कुछ तो पाक सरकार की ज्यादती, कुछ भ्रामक प्रचार एवं कुछ कश्मीरी युवकों की बेरोजगारी मजबूरन उन्हें पाकिस्तानी हाथों का खिलौना बनाए हुए है। जब पाक अधिकृत कश्मीर के लोग सीधे भारतीय नागरिक सुविधाओं से जुड़ेंगे, तब निश्चित रूप से एक अंतराल के बाद पाकिस्तान का भ्रम जाल कश्मीरियों पर से टूटने लगेगा। भारत सरकार को पाक अधिकृत कश्मीर से राज्यसभा व लोकसभा में भी एक-एक सीट का नामांकन करना चाहिए।

    भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर को मुक्त करवाने के काफी प्रयास किए हैं, जो अभी भी जारी हैं, परंतु ये प्रयास तब तक फलीभूत नहीं हो सकते, जब तक कि सरकार के प्रयासों में आम कश्मीरी भी शामिल नहीं हो जाते। आम कश्मीरी तब शामिल होंगे, जब सरकार आगे बढ़कर सीधे-सीधे उन्हें सरकारी सुविधाओं एवं जनप्रतिनिधित्व में ज्यादा से ज्यादा अवसर मुहैया करवाए।

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