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    बिजली की कमी के लिए सरकार जिम्मेदार, उद्योगों पर संकट के बादल : मुकेश दाधीच

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    बिजली की कमी के लिए सरकार जिम्मेदार, उद्योगों पर संकट के बादल : मुकेश दाधीच

    जयपुर, (सच कहूँ न्यूज)। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने उद्योगों पर हो रही बिजली कटौती के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के बिजली को लेकर पिछले पांच सालों तक चले कुप्रबन्धन के कारण अब हालात यह है कि दीपावली जैसे त्योंहार के मौके पर उद्योगों पर कटौती की जा रही है। एक तरफ पूरा राजस्थान दीपावली की तैयारियों को लेकर सज रहा है। Jaipur News

    वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती के कारण प्रदेश के उद्योग धंधे ठप पडे है। पिछले दो सप्ताह से हालात इतने विकट हो गए है कि राज्य का औद्योगिक उत्पादन भी लगभग ठप हो गया है। दीपावली के त्योंहार पर जहां उद्योगों से अतिरिक्त उत्पादन किया जाता रहा है वहीं कांग्रेस शासन में हालत यह है कि अब आम दिनों के बराबर भी उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इसके कारण इन उद्योगों में काम कर रहे श्रमिकों पर भी असर पर पड रहा है।

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने कहा कि प्रदेश में इसी प्रकार के हालात रहे तो इस बार उद्योग धंधों की मशीनरी बंद रहने के कारण दीपावली फीकी ही रहेगी। वहीं उत्पादन कम होने के कारण उद्योगों से श्रमिकों की संख्या भी कम की जा रही है। इन बुरे हालात के लिए राज्य सरकार का कुप्रबन्धन जिम्मेदार है। बिजली कम्पनियों में बिना किसी नीति और भ्रष्टाचार के कारण आज हालात यह हो गए हैं कि इनका कर्ज पिछले पांच सालों में बढकर 1.10 लाख करोड से अधिक हो गया है।

    अब तो स्थिति यह बन रही है कि कर्मचारियों को तनख्वाह देने के भी लाले पड रहे है। वहीं पिछले दिनों डिस्कॉम अध्यक्ष ने एक आदेश जारी कर किसी भी नए कार्य को शुरू करने पर रोक लगा दी थी। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि बिजली कम्पनियों के पास फंड उपलब्ध नहीं है और कोई भी नया कार्य शुरू किया जाए तो उसके लिए पहले फंड की व्यवस्था की जाए। इसके बाद प्रदेश में किसानों को दिए जा रहे ​कृषि कनेक्शन का कार्य भी बंद कर दिया गया।

    भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों और आर्थिक कुप्रबन्धन का नतीजा रहा कि पूरे पांच सालों तक राजस्थान बिजली संकट से जूझता रहा। छत्तीसगढ में कांग्रेस पार्टी की सरकार होने के बाद भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केन्द्र सरकार की ओर से आवंटित की गई कोयला खदान में काम शुरू नहीं करवा पाए। कोयले की कमी के कारण आधे समय तो हमारे बिजली उत्पादन संयंत्र ही बंद रहे है। अब हालात यह हो गए हैं कि ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक अघोषित रूप से बिजली कटौती हो रही है और उद्योगों को इन दिनों नाममात्र की बिजली दी जा रही है। अगर त्योंहारी सीजन में इसी प्रकार बिजली कटौती चलती रही तो राज्य का औद्योगिक विकास पूरी तरह से ठप हो जाएगा जिसके लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार होगी। Jaipur News

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