असली भारत की मानवीय त्रासदी
आज भारत एक अभूतपूर्व प्रवासी मजदूरों की मानवीय समस्या का सामना कर रहा है। इस समस्या का समाधान अनुशासन के साथ मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। यह सच है कि सरकार ने उनके लिए अनेक उपायों की घोषणा की है किंतु आवश्यकता इस बात की है कि इसके लिए खजाने के द्वार खोले जाएं।
लद्दाख में चीन का खेल
चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को कूटनयिक, आर्थिक और सैनिक प्रतिरोधक क्षमता अर्जित करनी होगी। पिछले सात दशकों से जिस सीमा का निर्धारण नहीं हुआ उसके बारे में कदम उठाने होंगे। भारत को अपनी चीन नीति को बदलते समय आवश्यकताओं के अनुसार बदलना होगा और वास्तविक नियंत्रण रेखा को परिभाषित करना होगा।
जीवन को लीलता मलेरिया
मलेरिया प्रतिवर्ष 40 से 90 करोड़ बुखार के मामलों का कारण बनता है, वहीं इससे 10 से 30 लाख मौतें हर वर्ष होती है। यानी कह सकते हैं कि मलेरिया से प्रति 30 सेकेंड में एक मौत होती है। इनमें से ज्यादतर पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चे होते हैं। गर्भवती महिलाएं भी इस रोग की वजह से संवेदनशील होती हैं।


























