प्रेरणास्त्रोत : दो चीटियों की बात
गुरु ने कहा- ऐसे व्यक्ति की अपनी सोच के अनुसार होता है। जो व्यक्ति जिस तरह का होता है, उसे सभी वैसे ही दिखाई देते है। फिर उन्होंने शिष्य को एक कहानी सुनाई। एक पर्वत पर दो चीटियाँ रहती थी। एक चींटी के पास शक्कर की खान थी और दुसरी चींटी के पास नमक की खान थी।
रामयुग के होने का प्रमाण है सीता वाटिका
इस जगह की खोज ही रामयुग के बीत जाने के हजारों साल बाद हुई।
रिसर्च सेंटर के मुताबिक तीन-चार सौ साल पहले तक भी यहां न सड़कें थी


























