महाराष्ट्र में विचित्र सियासी गठबंधन
झूठ और धोखे के इस खेल में भाजपा, राकांपा, शिव सेना और कांग्रेस ने
आज के भारत के सच को उजागर किया है कि सत्ता ही सब कुछ है।
आप यह भी कह सकते हैं कि यही लोकतंत्र है
संबंधों में हड़बड़ाहट की वजह
गोटबाया 13 लाख वोटों से चुनाव जीते है। उनकी जीत से यह स्पष्ट है कि श्रीलंका के वोटर बदलाव को लेकर किस कदर आतुर थे।
यद्यपि सजित प्रेमदासा संतुलित व्यापार नीति और मैत्रीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संबंधों को विकसित किए जाने के वादे के साथ चुनाव मैदान में उतरे थे।

























