महाराष्ट्र में विचित्र सियासी गठबंधन
झूठ और धोखे के इस खेल में भाजपा, राकांपा, शिव सेना और कांग्रेस ने
आज के भारत के सच को उजागर किया है कि सत्ता ही सब कुछ है।
आप यह भी कह सकते हैं कि यही लोकतंत्र है
अर्थ व आहार के संकट से देश को किसान ने बचाया
पिछले तीन माह से चल रहे कोरोना संकट ने अब तय कर दिया है कि आर्थिक उदारीकरण अर्थात पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की पोल खुल गई है और देश आर्थिक व भोजन के संकट से मुक्त है तो उसमें केवल खेती-किसानी का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
मानसून से पहले टिड्डियों को भगाना होगा
टिड्डियों ने ऐसी तबाही फरवरी में गुजरात और राज्स्थान में मचाई हुई है, जरूरत इस बात की है, किसी भी हाल में इनका आतंक रोका जाए। क्योंकि कुछ दिनों में मानसून दस्तक देने वाला है। उसके बाद किसान अपने खेतों में धान की रोपाई करेंगे। अगर उस वक्त भी टिड्डियों का आतंक यूं ही जारी रहा था, तो धान की फसल चौपट हो सकती है।
चीन की चालाकी पर ताला
कोरोना महामारी से भारतीय कंपनियों के सामने वित्तीय संकट उपस्थिति हुआ है। ऐसी स्थिति में टेकओवर की मंशा रखने वाले चीन और दूसरे देशों की गिद्ध दृष्टि भारतीय कंपनियों पर लगी हुई थी। सरकार ने समय रहते इन देशों की मंशा को पहचान लिया और एफडीआई नियमों में संशोधन करके चीन सहित दूसरे वर्चस्ववादी देशों के मनसूबों पर पानी फेर दिया ।

























