हनुमान का उत्तर

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पता नहीं कितने इन्द्र और ब्रह्मा मर गए और कितने मरेंगे। मुझे भी मरना है इसलिए मैंने अपनी गृहस्थी नहीं बसाई।
Shri Ram and Parashuram

श्रीराम और परशुराम

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उनका वास्तविक स्वामी तो वह होगा जो उनकी देखभाल करे और हमेशा उनकी सेवा मेें जुटा रहे, शिष्य ने उत्तर दिया।
Disciple of Jesus Christ

ईसा का शिष्य

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प्रभु ईसा के एक शिष्य ने ...
words-of-dronacharya

द्रोणाचार्य ने कहा था

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महाभारत में घमासान युद्ध ...
Service Is Worship

सेवा ही पूजा है

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Service is Worship एक भि...
Sheiksh-Farid

संत शेख फरीद

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महापुरुष सूखे नारियल की तरह होते हैं और आम आदमी गीले नारियल जैसा। जब तक वह भौतिक वस्तुओं के आकर्षण और रिश्ते-नातों के मोह में बँधा है, कष्ट की नौबत आने पर दुखी होता है, जबकि संत-महात्मा सूखे नारियल की भाँति मोह से परे होते हैं, जैसे खोल से सूखा नारियल।
Face-to-death

प्रेरणास्त्रोत : मृत्यु से साक्षात्कार

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तीन मित्रों ने मृत्यु का ...
Preaching time

प्रेरणास्त्रोत :उपदेश का समय

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स्वामी विवेकानंद से मिलने दूर दूर से लोग आया करते थे। एक बार अपने समय के मशहूर लेखक और पत्रकार सखाराम गदेड़स्कर अपने दो मित्रों के साथ स्वामी जी से मिलने गए। उन दिनों पंजाब में जबर्दस्त अकाल पड़ा हुआ था। बातचीत के दौरान जैसे ही स्वामी जी को पता चला कि उनमें से एक पंजाब के निवासी हैं, उन्होंने बातचीत की दिशा ही बदल दी।

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पैक्सें बन रहीं घोटालों क...