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    लाकड़-भीलपुरा एरिया के समीप यमुना में चल रहा है अवैध खनन, अधिकारी बने मूकदर्शक

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    Khizrabad News: लाकड़-भीलपुरा एरिया के समीप यमुना में चल रहा है अवैध खनन, अधिकारी बने मूकदर्शक

    रात भर डंपर व ट्रैक्टर-ट्रालियां यमुना में घुस करती है खनन

    • तीन माह से चल रहा है पूरे एरिया में अवैध खनन, माफिया को उम्मीद दो माह ओर मिलेगी छूट

    खिजराबाद (सच कहूं/राजेन्द्र कुमार)। Khizrabad News: खादर की बेल्ट से लगता खनन माफिया केवल कन्यावाला व बेलगढ़ एरिया में ही अवैध खनन नहीं कर रहा, बल्कि लाकड़-भीलपुरा घाट में स्थानीय खनन माफिया यूपी की ओर यमुनानदी में भी अवैध खनन कर रहा है। शाम ढलते ही लाकड़-भीलपुरा एरिया यमुनाघाट में भी जमकर खनिज की चोरी हो रही है। सैकड़ों की संख्या में डंपर व ट्रैक्टर-ट्रालियां पूर्व में यूपी की ओर बह रही यमुना नदी को खनिज चोरी कर इधर ले आते है। जबकि खनन विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए देख रहे हैं, वहीं कई बार यूपी की ओर से जन प्रतिनिधी इस बात की शिकायत अपने अधिकारियों से भी कर चुके हैं। Haryana News

    जनवरी से लेकर मार्च तक तीन माह में कन्यावाला-बेलगढ़ के अलावा लाकड़ एरिया से सैकड़ों करोड़ रुपये का खनिज चोरी हो गया है। अभी आचार सहिंता व चुनावी मौसम में खनन जोन में चर्चा है कि दो माह किसी का डर नहीं है, क्योंकि जो पैसा सरकार के खजाने में जाना था वह माफिया व विभागीय कालीभेड़ों की जेब में जा रहा है, इसलिए सारी एजेंसिया एकदम चुप से बैठ अवैध खनन के इस नजारे को देख रही है। चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से चर्चा है कि जानबूझकर अधिकारी इस ओर देख नहीं रहे ओर खनन क्षेत्र में चर्चा है कि दो माह अभी यही हाल रहेगा। यानी सब कुछ तय कार्यक्रम की तरह चल रहा है। Haryana News

    सैकड़ों की संख्या में इस पूरे क्षेत्र में स्टोन क्रशर प्लांट आदि चल रहे है, जबकि नियमानुसार परिंदा पर भी नहीं मार सकता है, यानी कहीं पर एक कस्सी मिटटी या खनिज भी नहीं उठाया जा सकता है। इसके बाद भी धड़ल्ले से सैकड़ों की संख्या में वाहन दिन रात खनिज सामग्री वाहनों में ओवरलोड कर ले जा रहे हैं।

    लाकड-भीलपुरा एरिया में खनन माफिया का मचा हुआ आंतक | Haryana News

    लाकड़- भीलपुरा एरिया में आज से लगभग आठ दस वर्ष पहले आस-पास के गांवां की खेती योग्य जमीनें अवैध रुप से खोद दी गई थी। जबकि कई वर्षों से यहां पर माइनिंग ब्लाक यानी घाट नहीं है, बस सरकारी रुप से घाट नहीं है, जबकि यहां पर धड़ल्ले से प्लांट या क्रशिंग यूनिटस चल रही है। सारा माल पूर्व में भीलपुरा व लाकड़ के साथ बह रही यमुना नदी से लाया जाता है। यमुना नदी का यह क्षेत्र यूपी की सीमा में पड़ता है, फिर भी हरियाणा के खनिज चोरों के हौंसले ऐसे बुलंद है कि वह रुकने का नाम नहीं लेते, कई बार यूपी की ओर से अधिकारियों ने कार्रवाई भी है, इसके बावजूद रात ढलते ही यमुना से खनिज चोरी का आंतक शुरू हो जाता है।

    खान व भूविज्ञान विभाग यमुनानगर के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर फील्ड में निकलते ही नहीं है, या यूं कहे कि निकलने की जरुरत ही नहीं है। अधिकारी आराम से कार्यालयों में बैठे रहते हैं, आम आदमी शिकायतें करता है, मगर उनके पास एक से एक बहाने होते हैं कि कभी स्टाफ की कमी तो कभी कोई ओर। बस ईधर खनन माफिया की मौज आई हुई है। Haryana News

    अवैध खनन से आई थी बाढ़

    वर्ष 2005 में इसी एरिया में यमुना नदी में हुए अवैध खनन से भयंकर बाढ़ आई थी, जिससे लाकड़, भीलपुरा, मालीमाजरा, निवाजपुरा, कन्यावाला समेत दर्जनों गांवों में यमुना का पानी घुस गया था। लोगों को यहां से रेस्कयू करके छछरौली अनाज मंडी में पहुंचाया गया था। बाढ़ की हालत पिछले मानसून सीजन में भी बन गई थी, जिसमें बेलगढ़ की ओर यमुनानदी में पटरी को खनिज चोरों ने नुकसान पहुंचाया था, मगर फिर भी प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है। इस बारे में एसडीएम छछरौली राजेश पूनिया का कहना है कि अगर ऐसा हो रहा है तो माइनिंग अधिकारी को इस बारे में आदेश देंगे कि वह रेड कर कार्रवाई करें। Haryana News

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