नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन ने अपनी-अपनी राजधानियों में लक्षित हमलों के विरोध में ईरान के राजदूतों को तलब कर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। दोनों देशों ने इन घटनाओं को संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय विधि का गंभीर उल्लंघन बताया। UAE News
अम्मान स्थित जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के दूतावास प्रभारी को बुलाकर हमलों पर तीव्र असंतोष व्यक्त किया। मंत्रालय के प्रवक्ता फुआद अल-मजाली ने कहा कि जॉर्डन की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाएगा। जॉर्डन ने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून की मूल भावना के विपरीत हैं तथा नागरिकों की सुरक्षा को संकट में डालते हैं।
अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात का विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत रजा अमेरी को तलब कर विरोध-पत्र सौंपा। यूएई के राज्यमंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने कहा कि नागरिक ठिकानों को लक्ष्य बनाना अस्वीकार्य है और यह अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों के विरुद्ध है। उन्होंने दोहराया कि यूएई अपनी धरती को किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए उपयोग नहीं होने देगा।
विश्लेषकों का मानना है कि जॉर्डन और यूएई की समन्वित राजनयिक प्रतिक्रिया क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता को दर्शाती है। दोनों देशों ने संकेत दिया है कि यदि ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो इसका प्रभाव राजनीतिक, आर्थिक और वाणिज्यिक संबंधों पर पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में वर्तमान घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब संभावित संवाद और तनाव-न्यूनन प्रयासों पर टिकी हैं। UAE News















