मेरठ (सच कहूँ न्यूज़)। Meerut News: बहुत ही भाग्यशैली जीव होते हैं जो सेवा सिमरन करते करते सतगुरु के चरणों में ओड निभा जाते हैं, हम सामाजिक प्राणी हैं दुख तो होता ही है जब कोई अपना बिछुड़ कर संसार छोड़ कर चला, हर जीव का समय निश्चित है संसार को छोड़ कर जाने का, कोई अपने मनुष्य जन्म का लाभ उठा जाता है, कोई नहीं उठा पाता। ऐसी ही बड़ भागी रूह थी सच्ची नम्र सेवादरनी बहन कुसुम इंसान जो अपने आखरी स्वांस तक सेवा करती रही, ना कोई दुःख ना तकलीफ, ना किसी का कोई कर्ज।
सच्ची नम्र सेवादरनी कुसुम इंसान, निवासी ग्राम भराला, मेरठ गत 31 जनवरी 2026 को सेवा करते करते मालिक के चरणों मे ओड निभा गई। वे उस दिन सुबह से ही नये जीवों की सेवा में लगी हुई थी, अगले दिन उन जीवों को बरनावा लेकर जाना था। शाम के करीब 3 बजे वे घर आ गई, आकर अपने पुत्र आशीष जो कि दिल्ली में रहता है फोन पर उससे बात की, उसके बाद अपनी बेटी सेंकी, जो कि नरेला दिल्ली में गई हुई थी जिसकी शादी एक सप्ताह पूर्व ही हुई थी,उससे भी फोन पर बात की। उसके बाद उनकी पति यशपाल इंसान जो कि पास ही खड़े थे कहने लगे कि मैं गाय का दूध निकाल लाऊं, इतने यशपाल इंसान रसोई में से बाल्टी लेने गए, आकर देखा तो कुसुम इंसान का सिर झुका हुआ था, हिला जुलाकर देखा तो उनकी आत्म सतगुरु की गोद मे बैठकर सच्चखंड जा चुकी थी, तसल्ली करने को नजदीकी हॉस्पिटल लेकर गए, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया। Meerut News
यहां यह उल्लेखनीय है कि कुसुम इंशान को कोई किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं थी, बस घुटनों में थोड़ा दर्द रहता था। बहन कुसुम इंसान अपने पीछे पुत्र आशीष इंसान, पुत्रवधु स्वेता इंसान, पौत्र मनवीर, पुत्री सेंकी (जिसकी शादी एक सप्ताह पूर्व सच्चे नम्र सेवादार के पुत्र मोहित के साथ हुई थी), पुत्री सोनिया पत्नी सुमित इंसान (जो कि रकम सिंह इंसान की पुत्र वधु है) को अपने पीछे छोड़ गई हैं। अंतिम संस्कार 1 फरवरी की सुबह किया गया जिसमें सैकड़ो की संख्या में साध संगत,सच्चे नम्र सेवादार, सच्ची नम्र सेवादरनी आदि ने अरदास लगाकर 2 मिनेट सिमरन करके उन्हें अंतिम विदाई दी, उनके पुत्र आशीष ने उन्हें मुख्य अग्नि दी। Meerut News
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