मानसा के कबाड़िये ने खरीदे 6 हैलीकॉप्टर

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भारतीय हवाई सेना ने की कबाड़ हेलीकॉप्टरों की नीलामी: यूपी के सरसावा एयरफोर्स स्टेशन से खरीदे (Famous Mittu Kabad Wale of Mansa) 

मानसा (सुखजीत मान)। मानसा के प्रसिद्ध मिट्ठू कबाड़िये के लिए आम तौर पर कहा जाता है कि उसके कबाड़ में से सुई से लेकर जहाज तक मिल जाता है। भले ही यह लाइनें केवल एक कहावत के तौर पर कही जाती थी लेकिन अब यह वास्तविक्ता में बदल गई हैं। (Famous Mittu Kabad Wale of Mansa) क्योंकि कबाड़ खरीदने वाले इस प्रसिद्ध कबाड़िये ने भारतीय हवाई सेना के छह कबाड़ हो चुके हैलीकाप्टरों को खरीदा है जो सोमवार को मानसा में पहुंचे। यह हैलीकॉप्टर शहरवासियों के अलावा कबाड़खाने से गुजरते राहगीरों के लिए आर्कषण का केंद्र बने हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मानसा तिन्नकोनी से कैंचियों की तरफ जाते हैं, तो रास्ते में एक जगह सैकड़ों कबाड़ गाड़ियों सहित कई अन्य वाहन खड़े हुए हैं। वो सब वाहन मिट्ठू कबाड़िये ने खरीदे हैं। किसी पुराने वाहन के लिए कोई पुराना बैरिंग या अन्य समान जब दुकानों से न मिले तो दुकानदार कह देते हैं कि अब तो मिट्ठू से ही मिल सकता है और वहां से मिल भी जाता है। कबाड़ के छोटे से कारोबार से कबाड़ खरीदने का काम शुरू करने वाले इस कबाड़िये ने अब मानसा जिला या पंजाब ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में से भी कबाड़ खरीद कीी है। अब उसने ताजा खरीददारी भारतीय वायु सेना से कबाड़ हुए 6 हेलीकॉप्टरों की आॅनलाइन खरीद की है।

सेल्फी लेने के लिए मची होड़

जैसे ही यह हैलीकॉप्टर मानसा आए तो देखने के लिए बड़ी संख्या लोग पहुंचे शुरू हो गए। लोगों ने अपने बच्चों को हैलीकॉप्टर के साथ खड़ा कर फोटो व सैल्फियां ली। मिट्ठू कबाड़िया के बेटे डिंपल अरोड़ा ने इन हेलीकॉप्टरों संबंधी बताया कि वे इंडियन एयरफोर्स के कबाड़ हो चुके छह हैलीकॉप्टर को खरीदा चुके हैं। अरोड़ा ने बताया कि आॅनलाइन सरकारी और प्राईवेट कबाड़ हो चुकी गाड़ियां इत्यादि की खरीददारी का काम करते हैं जिसके अंतर्गत यूपी में पड़ते सरसावा एयरफोर्स के स्टेशन में से यह छह हैलीकॉप्टर खरीदे गए हैं।

चार माह पूर्व खरीद की

डिंपल अरोड़ा ने बताया कि भारतीय वायु सेना से इन हेलीकॉप्टरों की खरीद चार महीने पहले कर ली थी, लेकिन लॉकडाऊन के कारण लाने में देरी हो गई। शुक्रवार को वहां से हैलीकॉप्टर लोड कर चले थे, जो चार दिनों में मानसा पहुंचे हैं।

रास्तों में भी उमड़ी भीड़

खुले ट्रालियों में लोड कर लाए यह हैलीकॉप्टर जब मानसा आ रहे थे तो रास्ते में भी लोगों ने ठहर-ठहर कर देखा। रास्ता में पड़ते एक टोल प्लाजा के पास से निकलते वक्त पर जब हेलीकॉप्टरों के अतिरिक्त पंखों को उतारना पड़ा तो वहां पांच हैलीकॉप्टर सड़क पर ही देखकर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई थी।

1988 में शुरू किया था काम, अब पांच एकड़ में पड़ा है कबाड़

डिंपल अरोड़ा ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1988 में कबाड़ का काम शुरू किया था। उस वक्त कबाड़ का सामान शहर में ही रखते थे, अब वे कबाड़ की खरीद इस कद्र बढ़ गई है कि करीब छह एकड़ में कबाड़ रखा हुआ है।

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