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    मेडल हासिल करने वालों में 75 फीसदी से अधिक बेटियाँ

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    Hisar News: मेडल हासिल करने वालों में 75 फीसदी से अधिक बेटियाँ

    महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, बेटियों पर मुझे गर्व

    हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Guru Jambheshwar University of Science and Technology: गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कि छठे दीक्षांत समारोह में कला, वाणिज्य,विज्ञान प्रबंधन व तकनीकी सहित विभिन्न संकाय में शिक्षा के क्षेत्र में मेडल बेटियों ने हासिल किए। इतना ही नहीं, डॉक्टर आफ फिलासफी की डिग्री हासिल करने वालों में भी 60 प्रतिशत से अधिक बेटियाँ शामिल थी। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर नरसीराम बिश्नोई ने जब विश्वविद्यालय की प्रोग्रेस रिपोर्ट प्रस्तुत की तो दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची भारत की राष्ट्रपति महामहिम द्रोपति मुर्मू व हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भी तालियां बजाई। Hisar News

    इसके बाद अपने दीक्षांत अभिभाषण में राष्ट्रपति महामहिम द्रोपति मुर्मू ने कहा कि विश्व विश्वविद्यालय में मेडल हासिल करने वाली 75 से अधिक बेटियों की जानकारी मिलते ही खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बेटियों पर मुझे गर्व है, जिन्होंने अपना अपने माता-पिता व विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने का काम किया है।

    दीक्षांत समारोह में ग्रामीण परिवेश के बच्चों की रही धूम | Hisar News

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय एक ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसमें 60 फीसदी से अधिक ग्रामीण स्तर के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा सहित विज्ञान एवं तकनीकी की अलग ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने बहुत जरूरी है। भारत देश की असली आत्मा गांव में बसती है। उन्होंने विभिन्न संकाय में डिग्री हासिल करने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपको जॉब के इंतजार में खड़े रहने की बजाय जॉब प्रोवाइड बनना चाहिए। Hisar News

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हरियाणा का ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है, जिसमें नई शिक्षा नीति 2020 पूर्ण रूप से लागू कर दी गई है। नई शिक्षा नीति ही विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर सकती है। जिससे विद्यार्थी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे।

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