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Thursday, February 5, 2026
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    Haryana School Holidays: हरियाणा के इन जिलों में 12वीं तक स्कूल बंद करने का आदेश

    Haryana School Holidays
    Haryana School Holidays: हरियाणा के इन जिलों में 12वीं तक स्कूल बंद करने का आदेश

    दमघोटू हवा का कहर हरियाणा के 11 जिलों में पहली से 12वीं तक स्कूल बंद

    हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। Haryana School Holidays: हरियाणा में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण सरकार ने कदम उठाते हुए सभी उपायुक्तों को अपने जिले के स्कूलों में छुट्टी देने का अधिकार प्रदान किया है। इस शक्ति का प्रयोग करते हुए इस प्रदेश के 11 जिलों में 12वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ये जिलें हैं: गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, पानीपत, और सोनीपत। इसके साथ ही, जींद जिले में 5वीं तक के स्कूल बंद किए गए हैं। सरकार का ये फैसला वायु गुणवत्ता की बिगड़ती हालात को देखते हुए लिया गया है। सरकारी निर्देश के बावजूद, जींद के जुलाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल ने आदेश का पालन नहीं किया और स्कूल खुला मिला। Haryana School Holidays

    इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जुलाना के खंड शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया ने कहा कि जो भी स्कूल अपनी मनमानी करेगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। इस कदम का उद्देश्य बच्चों की सेहत को प्रदूषण के खतरों से बचाना और स्वास्थ्य की रक्षा करना है। यह कदम प्रदूषण की रोकथाम और जागरूकता फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण है। सरकार और प्रशासन की ओर से यह कदम तब लिया गया है, जब राज्य में प्रदूषण स्तर ने गंभीर स्थिति को छू लिया है, और वायु प्रदूषण के खतरे को लेकर रेड अलर्ट घोषित किया गया है। प्रदूषण के कारण स्कूल बंद करने के निर्णय सभी सरकारी व निजी स्कूलों पर लागू रहेंगे।

    सरसा की हवा रही सबसे खतरनाक | Haryana School Holidays

    हरियाणा के शहरों के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार हुआ है। विशेष रूप से गुरुग्राम में, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 576 से घटकर 214 पर आ गया है।ग्रैप-4 की पाबंदियाँ के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट शुरू हो गई है।हालांकि अभी भी सिरसा 428 के साथ सबसे प्रदूषित शहर है, जो चिंता का विषय है। अन्य शहरों जैसे हिसार, जींद, और फतेहाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक भी अभी सुरक्षित स्तर से ऊपर है। ये आंकड़ें संकेत करते हैं कि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को जारी रखना और अधिक सख्ती से लागू करना आवश्यक है, ताकि समग्र वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके।

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