हमसे जुड़े

Follow us

20.8 C
Chandigarh
Sunday, March 1, 2026
More
    Home राज्य दिल्ली/यूपी रमना ने न्याय...

    रमना ने न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने, न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने पर दिया जोर

    N. V. Ramana

    नयी दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना ने शनिवार को देशभर में लंबित मुकदमों के अनुपात में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के साथ ही न्यायपालिका से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत बनाने पर शनिवार को जोर दिया। उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और राज्यों मुख्यमंत्रियों के 11 वें संयुक्त सम्मेलन को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति रमना कहा कि बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाने तथा विवाद को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझा के उपायों पर गंभीरता से विचार करना समय की मांग है। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था में अन्य भाषाओं को अपनाने भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालयों के लिए न्यायाधीशों के 1104 स्वीकृत पदों में से 388 खाली पड़े हैं। खाली पदों को भरने के लिए उनका पहले दिन से ही प्रयास रहा है। उन्होंने एक वर्ष के दौरान विभिन्न उच्च न्यायालयों में खाली पदों का नियुक्तियों के लिए 180 सिफारिशें की हैं। इनमें से 126 नियुक्तियां हो चुकी हैं।

    इसके लिए भारत सरकार को धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि 50 प्रतिक्षित प्रस्तावों को भारत सरकार शीघ्र अनुमोदन की उम्मीद की। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालयों ने भारत सरकार को लगभग 100 नाम भेजे हैं, जो अभी उन तक नहीं पहुंचे हैं। मुख्य न्यायाधीश रमना ने न्यायिक व्यवस्था को जिला स्तर पर मजबूत करने की अपील करते हुए कहा, “मैं माननीय मुख्यमंत्रियों से आग्रह करना चाहता हूं कि जिला न्यायपालिका को मजबूत करने के उनके प्रयास में मुख्य न्यायाधीशों को दिल से सहयोग दें।”

    देशभर में लगातार बढ़ते लंबित मुकदमों और न्यायाधीशों के अनुपात पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “जब हम आखिरी बार 2016 में ( संयुक्त सम्मेलन) में मिले थे, तब देश में न्यायिक अधिकारियों की स्वीकृत संख्या 20,811 थी। अब यह 24,112 है, जो कि 6 वर्षों में 16 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं इसी अवधि में जिला न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या 2 करोड़ 65 लाख से बढ़कर 4 करोड़ 11 लाख हो गई है, जो कि 54.64 फीसदी की बढ़ोतरी है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्वीकृत संख्या में वृद्धि कितनी अपर्याप्त है।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here