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    Rice Farming: जाने कैसे करें धान की खेती, क्या है फसल उगाने का सही समय

    Rice Farming
    Rice Farming जाने कैसे करें धान की खेती, क्या है फसल उगाने का सही समय

    Paddy clumps Development:धान भारत की मुख्य फसलहै। ये खेती मॉनसून की खेती है लेकिन कई राज्यों में धान (Farming Work in Paddy) सीजन में दो बार होता (Dhaan ki kheti) धान, भारत समेत कई एशियाई देशों की मुख्य खाद्य (Kharif Season) फसल है। इतना ही नहीं विश्व में अगर मक्का के बाद किसी फसल को सबसे ज्यादा उगाया जाता है तो वह धान ही है।

    यह एक प्रमुख फसल है, जिससे चावल निकाला न (Rice Production) जाता है। चावल को भारत एशिया समेत पूरी दुनिया में मुख्य भोजन के रूप में जाना जाता है। भारत में खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान (Paddy Clumps) ही है, जिसे लगभग देश के सभी कोनो में उगाया जाता है। वर्तमान समय में धान की फसल करने वाले किसानो की संख्या करोड़ो में है Rice Farming

    धान की खेती की शुरुआत नर्सरी से होती है, इसलिए बीजों का अच्छा होना जरुरी है। कई बार किसान महंगा बीज-खाद तो लगाता है, लेकिन सही उपज नहीं मिल पाती है, इसलिए बुवाई से पहले बीज व खेत का उपचार कर लेना चाहिए। बीज महंगा होना जरुरी नहीं है बल्कि विश्वसनीय और आपके क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के मुताबिक होना चाहिए।

    धान उत्पाद के प्रमुख राज्य | Rice Farming

    देश में प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलांगाना, पंजाब, उड़ीसा, बिहार और छत्तीसगढ़ हैं। पूरे देश में 36.95 मिलियन हेक्टेयर में धान की खेती होती है।

    कैसे करें धान की खेती (dhaan ki kheti kaise karen)

    अगर आप एक किसान है और धान की उन्नत एवं आधुनिक खेती करना करना चाहते है तो आपको इसकी खेती के तरीके जरूर मालूम होना चाहिए। धान के लिए खेत को तैयार कैसे करते है, बीज का चुनाव कैसे करते है, धान में लगने वाले कीट एवं रोग का नियंत्रण कैसे करेंगे इसकी जानकारी होना बहुत जरुरी है। एक किसान के लिए धान उगाने से लेकर फसल काटने तक क्या क्या सावधानी अपनाना होता है उसकी जानकारी होना जरुरी है।

    खरीफ फसलों में धान प्रमुख फसल है। प्रदेश में गत 5 वर्षों में धान के अन्तर्गत क्षेत्रफल, उत्पादन एवं उत्पादकता के आंकड़े अनुसार प्रदेश में चावल की औसत उपज में वृद्धि हो रही है और अन्य प्रदेशों की तुलना में बहुत कम है। इसकी उत्पादकता बढ़ाने की काफी सम्भावना है। यह तभी सम्भव हो सकता है जब सघन विधियों को ठीक प्रकार से अपनाया जाय।

    धान की पैदावार के लिए निम्न बातों का रखें ध्यान | Rice Farming

    स्थानीय परिस्थितियों जैसे क्षेत्रीय जलवायु, मिट्टी, सिंचाई साधन, जल भराव तथा बुवाई एवं रोपाई की अनुकूलता के अनुसार ही धान की संस्तुत प्रजातियों का चयन करें। सबसे पहले तो किसानों को देखना चाहिए कि उनके पास सिंचाई का क्‍या साधन है और किस तरीके से खेती करनी हो। धान की खेती दो तरीके से होती है। पहला तो यह कि किसान सीधे धान की बुवाई करते हैं, और दूसरी विधि रोपाई के जरिए होती है।

    जिन किसानों के पास सिंचाई का साधन है, वे रोपाई विधि से खेती कर सकते हैं। इसके लिए वे लंबी अवधि वाले धान की नर्सरी लगा सकते हैं। किसानों को यह ध्‍यान रखना होगा कि वे जितनी जल्‍दी धान की रोपाई शुरू करेंगे, उतनी जल्‍दी उनकी फसल तैयार होगी।

    धान की खेती करने का सही समय | Rice Farming

    वर्षा आरम्भ होते ही धान की बुवाई का कार्य आरम्भ कर देना चाहिए। धान की फसल उगाने के लिए जून मध्य से जुलाई प्रथम सप्ताह तक बोनी का समय सबसे उपयुक्त होता है।

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